NSE के एक शेयर की कितनी है कीमत, ग्रे मार्केट में IPO की धूम; कब तक है लिस्टिंग की उम्मीद?

NSE IPO GMP: कंपनी ने अभी तक IPO की कीमत या तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन ट्रेडर्स को उम्मीद है कि यह इश्यू सितंबर के आखिर तक बाजार में आ जाएगा. 2026 में अब तक अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर ज्यादातर स्थिर रहे हैं.

एनएसई आईपीओ. Image Credit: Canva, AI

Highlights

  • IPO भारत का दूसरा सबसे बड़ा शेयर सेल हो सकता है.
  • IPO की मंजूरी के बाद अनौपचारिक ग्रे मार्केट में हलचल मच गई है.
  • कंपनी ने अभी तक IPO की कीमत या तारीख की घोषणा नहीं की है.

NSE IPO GMP: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लंबे समय से प्रतीक्षित IPO को कैपिटल मार्केट रेगुलेटर से मंजूरी मिलने के बाद अनौपचारिक ग्रे मार्केट में हलचल मच गई है. ग्रे मार्केट ब्रोकर्स के अनुसार, शुक्रवार शाम को रेगुलेटर की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) यानी लिस्टिंग से पहले निवेशक IPO के अनुमानित इश्यू प्राइस से अधिक जो रकम देने को तैयार होते हैं, बढ़कर 250-280 रुपये प्रति शेयर हो गया, जबकि दिन की शुरुआत में यह लगभग 150-180 रुपये था.

नहीं हुई है तारीखों की घोषणा

कंपनी ने अभी तक IPO की कीमत या तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन ट्रेडर्स को उम्मीद है कि यह इश्यू सितंबर के आखिर तक बाजार में आ जाएगा. शुक्रवार को अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर लगभग 1,975 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहे थे.

अनलिस्टेड प्राइस

अनलिस्टेड प्राइस वह कीमत है जिस पर लिस्टिंग से पहले कंपनी के मौजूदा शेयरों का लेन-देन होता है, जबकि GMP वह प्रीमियम है जो निवेशक लिस्टिंग से पहले शेयरों के लिए IPO प्राइस या अनुमानित इश्यू प्राइस से अधिक देने को तैयार होते हैं.

मार्केट कैपिटलाइजेशन

ग्रे मार्केट में शामिल लोगों का अनुमान है कि IPO का साइज 30,000 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिसका मतलब है कि मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 लाख करोड़ से 5.25 लाख करोड़ रुपये के बीच होगा.

2026 में अब तक अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर ज्यादातर स्थिर रहे हैं, जिस पर सुस्त बाजार और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) शुरू होने के बाद डेरिवेटिव्स वॉल्यूम पर पड़े असर का दबाव रहा है.

दूसरा सबसे बड़ा शेयर सेल

NSE का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) भारत का दूसरा सबसे बड़ा शेयर सेल हो सकता है, जिससे 31,500 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सकते हैं. जब इसके शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेड होने लगेंगे, तो मार्केट वैल्यू के हिसाब से यह इंस्टीट्यूशन के मालिकाना हक वाला एक्सचेंज दुनिया के टॉप एक्सचेंज ऑपरेटर्स में शामिल हो सकता है.

एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज, BSE, 2017 की शुरुआत में अपने शेयर लिस्ट करने वाला पहला भारतीय एक्सचेंज था.

दुनिया में सबसे पहले लिस्ट होने वाले एक्सचेंज कौन से थे?

ऑस्ट्रेलियाई एक्सचेंज या ASX– दुनिया में सबसे पहले लिस्ट होने वाला एक्सचेंज था. इसने 1998 में अपने ही ट्रेडिंग बोर्ड पर अपने स्टॉक लिस्ट किए थे.

अमेरिका में CME ग्रुप- जिसकी ओनरशिप में शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT), शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज, Nymex और Comex आते हैं- सबसे पहले 6 दिसंबर, 2002 को NYSE पर लिस्ट हुआ था.

एशिया में सिंगापुर और हांगकांग एक्सचेंज सबसे पहले लिस्ट होने वाले एक्सचेंजों में शामिल थे.

NYSE की मौजूदा पैरेंट कंपनी, इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) 16 नवंबर 2005 को लिस्ट हुई थी. NYSE ग्रुप एक साल बाद लिस्ट हुआ, लेकिन 2013 तक ICE ने उसे खरीद लिया.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.