ऑल टाइम लो लेवल पर रुपया, डॉलर के मुकाबले गिरकर 95.73 रुपये पर आया

बुधवार को शुरुआती कारोबार में आयात पर लगी पाबंदियों के कारण अमेरिकी डॉलर की मांग कम होने की उम्मीद में रुपया 16 पैसे सुधरकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.52 पर पहुंचा था. भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है.

रुपये में गिरावट जारी Image Credit: money9live.com

Indian Rupee: भारतीय रुपये में डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट जारी है. बुधवार को रुपया 95.73 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के स्तर से नीचे गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. बुधवार को शुरुआती कारोबार में आयात पर लगी पाबंदियों के कारण अमेरिकी डॉलर की मांग कम होने की उम्मीद में रुपया 16 पैसे सुधरकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.52 पर पहुंचा था. लेकिन दोपहर में एक बार फिर से रुपया कमजोर हो गया.

सोने-चांदी के आयात पर शुल्क

भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क और सेस को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, ताकि इन धातुओं की विदेशी खरीद पर रोक लगाई जा सके और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके. हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती ने निवेशकों के मनोबल पर नेगेटिव असर डाला.

मंगलवार को रुपये का हाल

मंगलवार को रुपया 40 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.68 के नए अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था. ट्रेडर्स ने कहा कि सोने के आयात शुल्क में बढ़ोतरी से देश में इस येलो मेटल की मांग में कमी आ सकती है. भारत कीमती धातुओं का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है.

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘इस कदम से चालू खाता घाटा (CAD) को कम करने में भी मदद मिलेगी और कुछ हद तक रुपये को भी सहारा मिलेगा.’

पीएम का सोना नहीं खरीदने का आग्रह

रविवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे एक साल तक सोने की खरीद से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने में मदद मिल सके. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत अपनी जरूरत की ज्यादातर कीमती वस्तुएं आयात करता है, जबकि उसका अपना उत्पादन न के बराबर है. इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक बास्केट के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है 0.01 फीसदी की बढ़त के साथ 98.30 पर कारोबार कर रहा था.

कच्चे तेल का भाव

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.12 फीसदी की गिरावट के साथ 106.56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक डेटा

घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर, मंगलवार को जारी सरकारी डेटा के अनुसार, अप्रैल में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई. इसकी मुख्य वजह सोने और चांदी के गहनों के साथ-साथ रसोई के कुछ सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी रही. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित महंगाई दर (जिसका आधार वर्ष 2024 है) मार्च में 3.40 फीसदी, फरवरी में 3.21 फीसदी और जनवरी में 2.74 फीसदी थी.

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