Kalyan Jewellers Future: ये है कल्याण ज्वेलर्स की कुंडली, डूबेगा या बचेगा… सबका मिलेगा जवाब

Kalyan Jewellers Share: कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों में बिकवाली इस महीने की शुरुआत में शुरू हुई थी. सोशल मीडिया पर खबर फैली की मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के फंड मैनेजरों ने ज्वैलरी कंपनी के शेयरों के संबंध में कुछ गड़बड़ी की है. AMC के कुछ फंड मैनेजरों को नौकरी से निकाले जाने की अटकलें भी सामने आई थीं.

कल्याण ज्वेलर्स का क्या है भविष्य. Image Credit: Money9

Kalyan Jewellers Future: कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड के शेयर मंगलवार को 9.37 फीसदी गिरकर 481.35 रुपये के इंट्राडे लो पर आ गए. आखिर में यह स्टॉक 8.27 फीसदी गिरकर 487.25 रुपये पर बंद हुआ. कल्याण ज्वेलर्स का शेयर अपने हाल के रिकॉर्ड हाई लेवल 794.60 रुपये से 38.67 फीसदी नीचे आ चुका है. कंपनी ने इनकम टैक्स रेड और कुछ फंड मैनेजरों को रिश्वत देने के आरोपों से इनकार कर दिया है, लेकिन शेयरों में गिरावट थम नहीं रही है. ऐसे में निवेशकों के मन में कंपनी के फ्यूचर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसे देखते हुए आज हम आपको कंपनी के उन इंडीकेटर के बारे में बता रहे हैं. जिससे कंपनी के फ्यूचर का आपको अंदाजा लग सकता है. इसमें उसके कर्ज, प्रमोटर्स के कर्ज, दिवालिया होने के रिस्क से लेकर दूसरे फंडामेंटल के जरिए पूरी कुंडली बताई गई है.

सबसे पहले स्टॉक परफॉर्मेंस की बात करते हैं. कल्याण ज्वेलर्स के स्टॉक ने 2025 की शुरुआत शानदार की थी. 2 जनवरी को स्टॉक ने अपने ऑल टाइम हाई लेवल को हिट किया था. लेकिन इसके बाद से ज्यादातर गिरावट ही देखने को मिली है. इस साल अब तक 15 में से 11 सत्रों में शेयर टूटा है.

प्रमोटर ने गिरवी रखे हैं शेयर

बीएसई के आंकड़ों से पता चला है कि प्रमोटर रमेश त्रिकुर कल्याणरमन और सीताराम त्रिकुर कल्याणरमन ने चुनिंदा वित्तीय संस्थानों के पास अपनी गिरवी रखी गई हिस्सेदारी में क्रमश 1.65 फीसदी और 1.85 फीसदी की बढ़ोतरी की है. हालांकि, कंपनी के प्रमोटरों द्वार कर्ज प्राप्त करने के लिए शेयर गिरवी रखना कोई बड़ी बात नहीं है. प्रमोटर ऐसा करते हैं. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 62.85 फीसदी थी.

कैसी है कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों की सेहत

  • ट्रेंडलाइन के अनुसार, डे मोमेंटम स्कोर कल्याण ज्वेलर्स के शेयर का 40.02 है, स्टॉक तकनीकी रूप से न्यूट्रल है. 70 से ऊपर के स्कोर वाले स्टॉक को टेक्निकली मजबूत माना जाता है और 35 से नीचे स्कोर वाले स्टॉक को कमजोर माना जाता है.
  • स्टॉक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 24.8 है. 30 से नीचे के RSI को ओवरसोल्ड माना जाता है. इसका मतलब है कि स्टॉक में उछाल आ सकता है.
  • कल्याण ज्वेलर्स इंडिया का मनी फ्लो इंडेक्स (MFI) 22.6 है. 30 से नीचे के MFI को ओवरसोल्ड माना जाता है. इसका मतलब है कि स्टॉक में उछाल आ सकता है.
  • कल्याण ज्वेलर्स मूविंग एवरेज कन्वर्जेन्स डाइवर्जेन्स (MACD) -58.5, अपने सिग्नल और सेंटर लाइन से नीचे है. यह गिरावट का संकते देता है.

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कल्याण ज्वेलर्स की वित्तीय स्थिति

सितंबर की तिमाही में कल्याण ज्वेलर्स इंडिया लिमिटेड का रेवेन्यू 5,254 करोड़ रुपये रहा था, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 39.4 फीसदी अधिक था. लेकिन कंपनी के मुनाफे में गिरावट आई थी. कल्याण ज्वेलर्स ने सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट में 3.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की थी, जो 130 करोड़ रुपये रहा था. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का लाभ 134.8 करोड़ रुपये था. मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैप 50,257 करोड़ रुपये है.

क्या कंपनी पर है दिवालिया होने का खतरा?

CompaniesMarketCap पर उपलब्ध डेटा के मुताबिक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया की वित्तीय रिपोर्ट के आधार पर कंपनी पर कुल 46.97 अरब का कर्ज है. अब सवाल ये भी उठता है कि क्या कंपनी कर्ज चुकाने में समर्थ है. वैल्यू रिसर्च के अनुसार, कंपनी अपने सभी कर्ज चुकाने में समर्थ है. ऑल्टमैन जेड-स्कोर 5.42. ऑल्टमैन जेड-स्कोर एक फाइनेंशियल मॉडल है, जिसके जरिए किसी कंपनी के दिवालिया होने के खतरे का आकलन किया जाता है. पिछले एक साल में कंपनी का प्रदर्शन भी ठीक-ठाक यानी एवरेज से ऊपर रहा है.

ऑल्टमैन जेड-स्कोर 5.42 यानी दिवालिया होने का खतरा नहीं

कंपनी में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

कल्याण ज्वेलर्स में 11.75 फीसदी से अधिक म्यूचुअल फंड ने निवेश किया है. इसके अलावा भारतीय प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 62.83 फीसदी है और विदेशी प्रमोटर की हिस्सेदारी 0.02 फीसदी. विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 16.37 फीसदी निवेश किया है. घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी 1.82 फीसदी है और अन्य की हिस्सेदारी 7.21 फीसदी है.

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