LIC को ICICI Bank में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की RBI से मंजूरी, जानें क्या होगा असर

RBI ने LIC को ICICI Bank में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी है. LIC के पास जून 2026 में बैंक की करीब 4.35% हिस्सेदारी थी. नई मंजूरी के बाद वह इसे बढ़ा सकती है, लेकिन खरीदारी एक साल में करनी होगी.

RBI ने LIC को ICICI Bank में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी Image Credit:

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक ICICI Bank में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने LIC को बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स में कुल 9.99% तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी है. ICICI Bank ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए इसकी जानकारी दी.

एक साल के भीतर खरीदनी होगी हिस्सेदारी

RBI की मंजूरी 4 सितंबर 2026 को जारी पत्र के जरिए दी गई है. ICICI Bank को यह पत्र 4 सितंबर की रात करीब 9:09 बजे मिला. मंजूरी की तारीख से एक साल के भीतर LIC को प्रस्तावित हिस्सेदारी हासिल करनी होगी. अगर इस अवधि में खरीदारी नहीं होती है, तो RBI की मंजूरी रद्द हो जाएगी.

हालांकि, RBI की मंजूरी का यह मतलब नहीं है कि LIC तुरंत ICICI Bank में अपनी हिस्सेदारी 9.99% कर देगी. यह मंजूरी LIC को भविष्य में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की सुविधा देती है. किसी भी खरीदारी में RBI और अन्य नियामकीय शर्तों का पालन करना होगा.

अभी LIC के पास कितनी हिस्सेदारी?

जून 2026 के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, LIC के पास ICICI Bank की करीब 4.35% हिस्सेदारी थी. नई मंजूरी के बाद LIC के पास इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 9.99% तक ले जाने का विकल्प है. यानी बीमा कंपनी अपने मौजूदा निवेश को काफी बढ़ा सकती है.

ICICI Bank में म्यूचुअल फंड्स की भी बड़ी हिस्सेदारी है. जून 2026 के अंत तक म्यूचुअल फंड्स के पास बैंक की करीब 29.60% हिस्सेदारी थी. वहीं बीमा कंपनियों की कुल हिस्सेदारी करीब 8.24% थी.

HDFC Bank के बाद ICICI Bank में भी बढ़ेगी LIC की मौजूदगी

यह पहली बार नहीं है जब LIC को किसी बड़े प्राइवेट बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की ऐसी मंजूरी मिली है. इससे पहले अगस्त में RBI ने LIC को HDFC Bank में भी 9.99% तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी थी. उस समय HDFC Bank में LIC की हिस्सेदारी करीब 4.11% थी.

LIC के लिए क्यों अहम है यह कदम?

LIC देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है और लंबे समय से कई बड़े भारतीय बैंकों में निवेश रखती है. ICICI Bank में हिस्सेदारी बढ़ाने से उसे देश के प्रमुख निजी बैंक में अपना निवेश बढ़ाने का अवसर मिलेगा. वहीं ICICI Bank के लिए LIC जैसे बड़े संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी बढ़ना बैंक में दीर्घकालिक संस्थागत निवेश की मौजूदगी को मजबूत कर सकता है. हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि LIC मंजूर सीमा तक कितनी हिस्सेदारी खरीदती है और खरीदारी किस कीमत पर होती है. ध्यान देने वाली बात: RBI की मंजूरी केवल अधिकतम 9.99% हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति है. यह अपने आप में LIC द्वारा तुरंत 9.99% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा नहीं है.

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