TATA Sons का अगला बॉस कौन? रेस में ये 3 दिग्गज; एक नाम सबसे आगे

Tata Sons के अगले चेयरमैन की तलाश में तीन नाम प्रमुखता से सामने आए हैं. Tata Steel के CEO और MD T V Narendran को सबसे मजबूत आंतरिक दावेदार माना जा रहा है. Tata Sons के Saurabh Agrawal वित्तीय अनुभव के साथ विकल्प हैं, जबकि NSE के Ashish Chauhan को संभावित डार्क हॉर्स माना जा रहा है.

टाटा संस

Highlights

  • Tata Steel के CEO और MD को सबसे मजबूत आंतरिक दावेदार माना जा रहा है.
  • Tata Sons के Group CFO के पास निवेश, पूंजी आवंटन और पोर्टफोलियो प्रबंधन का लंबा अनुभव है.
  • NSE के MD और CEO के पास कैपिटल मार्केट और बड़े संस्थानों को संभालने का अनुभव है.

Tata Sons के अगले चेयरमैन को लेकर हलचल तेज हो गई है. टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons ने N Chandrasekaran के उत्तराधिकारी की तलाश में तीन प्रमुख कॉरपोरेट दिग्गजों के नामों पर विचार किया है. इनमें Tata Steel के CEO और MD T V Narendran, Tata Sons के Executive Director और Group CFO सौरभ अग्रवाल और NSE के MD और CEO आशिष चौहान शामिल हैं.

मौजूदा स्थिति में T V Narendran सबसे मजबूत आंतरिक दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि सौरभ अग्रवाल का मजबूत पक्ष उनका वित्त और कैपिटल अलोकेशन का अनुभव है. वहीं आशिष चौहान को संभावित ‘डार्क हॉर्स’ के तौर पर देखा जा रहा है.

T V Narendran सबसे मजबूत आंतरिक दावेदार

T V Narendran 1988 से Tata Steel से जुड़े हुए हैं और Tata Group में तीन दशक से ज्यादा समय बिता चुके हैं. वह एक दशक से ज्यादा समय से Tata Steel के CEO और MD हैं. अपने कार्यकाल में उन्होंने कमोडिटी चक्र, बड़े पूंजीगत निवेश और यूरोप में कंपनी के कारोबार से जुड़ी चुनौतियों को संभाला है.

Narendran World Steel Association के चेयरमैन और Confederation of Indian Industry के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद भी संभाल चुके हैं. हालांकि, उनकी विशेषज्ञता का बड़ा हिस्सा टाटा स्टील के कारोबार तक ही सीमित रहा है. ऐसे में Tata Sons के स्तर पर पूरे समूह के व्यापक पूंजी आवंटन से जुड़े अनुभव को लेकर सवाल भी हैं.

सौरभ अग्रवाल के पास मजबूत वित्तीय अनुभव

Saurabh Agrawal 2017 में Tata Sons से Group CFO के तौर पर जुड़े थे और अब Executive Director और Group CFO हैं. उनकी जिम्मेदारियों में पूरे समूह में पूंजी आवंटन, निवेश प्रबंधन और पोर्टफोलियो को बेहतर बनाना शामिल है.

Agrawal पहले निवेश बैंकिंग से जुड़े रहे हैं और DSP Merrill Lynch तथा Standard Chartered में काम कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने Aditya Birla Group में रणनीति से जुड़ी भूमिका भी निभाई है. वह Tata समूह की कई कंपनियों के बोर्ड में भी शामिल हैं, जिनमें Tata Capital और Tata Digital समेत अन्य कारोबार शामिल हैं.

एयरलाइन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और डिजिटल कारोबार में Tata Group के बड़े निवेश को देखते हुए उनका वित्तीय और पूंजी आवंटन का अनुभव महत्वपूर्ण हो सकता है.

Ashish Chauhan हो सकते हैं ‘डार्क हॉर्स’

Ashish Chauhan की प्रोफाइल बाकी दोनों दावेदारों से अलग है. उनके पास टेक्नोलॉजी, वित्त, कैपिटल मार्केट और बड़े संस्थानों के नेतृत्व का अनुभव है. उन्होंने 1990 के दशक में NSE को स्थापित करने में भूमिका निभाई थी. इसके बाद वह BSE के प्रमुख रहे और 2022 में NSE के MD और CEO के तौर पर वापस लौटे.

उनके समर्थक नियामकीय माहौल को संभालने और बड़े संस्थानों को बदलने के अनुभव को उनकी ताकत मानते हैं. हालांकि, Tata Sons की जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्हें कैपिटल मार्केट से निकलकर 30 से ज्यादा कारोबार वाले बड़े समूह की कमान संभालनी होगी.

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