डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी…इंटरेस्ट रेट नहीं घटाया तो बंद कर देंगे इन देशों से व्यापार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें कम नहीं की गईं तो अमेरिका उन देशों के साथ व्यापार बंद कर देगा जिनके साथ उसका ट्रेड डेफिसिट है. अगस्त की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी है.
Highlights
- ब्याज दरें घटाओ वरना ट्रेड बंद.
- ट्रेड डेफिसिट वाले देशों से कारोबार रोकने की चेतावनी.
- मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने धमकी दी है कि अगर फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट कम नहीं करता है तो अमेरिकी सरकार उन देशों के साथ ट्रेड करना बंद कर देगी जिनके साथ यूएस का ट्रेड डेफिसिट है. उन्होंने ऐसा करने के लिए अगस्त की एक मजबूत जॉब्स रिपोर्ट का भी हवाला दिया है.
ट्रुथ पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखी ये बात
Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि इंटरेस्ट रेट कम करो क्योंकि U.S.A. का क्रेडिट कुछ समय पहले की तुलना में बहुत मजबूत है! रेट कम करो वरना मैं उन देशों के साथ ट्रेड करना बंद कर दूंगा जिनके साथ हमारा ट्रेड डेफिसिट है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान बार-बार फेडरल रिजर्व से इंटरेस्ट रेट कम करने की अपील की है.
क्या होता है ट्रेड डेफिसिट?
ट्रेड डेफिसिट का मतलब ये है कि जब कोई भी देश एक्सपोर्ट की तुलना ज्यादा इंपोर्ट करता है. 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा के साथ यूएस ने पिछले साल चीन के साथ अपना सबसे बड़ा ट्रेड डेफिसिट किया. इसके बाद वियतनाम और मेक्सिको का नंबर आता है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, फेडरल ट्रेड डेटा से इस बात का पता चलता है कि कुल मिलाकर यूएस ने पिछले साल सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स के साथ 1.2 ट्रिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट किया है. इस हफ्ते में यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने कम इंटरेस्ट रेट्स के लिए आवाज उठाई है, उन्होंने सोमवार को ओवल ऑफिस में रिपोर्टर्स से कहा कि उन्हें (फेड रेट) बढ़ाने की बात करना बेवकूफी भरी बात है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले कहा था कि ये बेतुकी बात है क्योंकि ग्रोथ में सफलता से महंगाई नहीं होती. महंगाई दूसरी वजहों से होती है. ट्रंप की यह धमकी अगस्त की हैरान करने वाली हॉट जॉब्स रिपोर्ट के तुरंत बाद आई, जिसमें दिखाया गया था कि एम्प्लॉयर्स ने अगस्त में 1,62,000 नए वर्कर्स को काम पर रखा, जो इकोनॉमिस्ट्स के अंदाजे से दोगुने से भी ज्यादा था. यह रिपोर्ट फेड के लिए महंगाई की चिंताओं से लड़ने के लिए इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाने का रास्ता और भी खोलती है.
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