Rupee में लगातार छठे दिन तेजी, US Dollar के मुकाबले 2 पैसे मजबूत होकर 94.49 पर बंद
भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे मजबूत होकर 94.49 पर बंद हुआ. यह रुपये में लगातार छठे कारोबारी सत्र की तेजी है. विदेशी कैश फ्लो, घरेलू शेयर बाजार की मजबूती और बेहतर रिस्क सेंटिमेंट से रुपये को समर्थन मिला.
भारतीय रुपया शुक्रवार को US Dollar के मुकाबले लगातार छठे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ. कारोबारी सत्र के अंत में रुपया 2 पैसे की तेजी के साथ 94.49 के स्तर पर बंद हुआ. फॉरेन कैपिटल के आने और बाजार में बेहतर रिस्क लेने की सेंटिमेंट से रुपये को सपोर्ट मिला. RBI के बाजार में सक्रिय रहने की उम्मीद भी रुपये के लिए पॉजिटिव मानी जा रही है. हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये की तेजी को सीमित कर सकती हैं. US और Iran के बीच बढ़ते तनाव पर भी बाजार की नजर बनी हुई है.
दिनभर कैसा रहा रुपये का कारोबार
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी मार्केट में रुपया 94.53 के स्तर पर खुला. कारोबार के दौरान यह 94.46 के उच्च स्तर तक पहुंचा. दिन के निचले स्तर पर रुपया 94.53 पर रहा. कारोबार के अंत में रुपया 2 पैसे की तेजी के साथ 94.49 के स्तर पर बंद हुआ. गुरुवार को रुपया 22 पैसे मजबूत होकर 94.51 पर बंद हुआ था. इस तरह रुपये में लगातार छठे सत्र में तेजी देखने को मिली.
6 दिनों से मजबूत हो रहा है रुपया
रुपये में पिछले कई कारोबारी सत्रों से लगातार मजबूती देखने को मिल रही है. बुधवार को रुपया 22 पैसे की तेजी के साथ 94.73 पर बंद हुआ था. मंगलवार को इसमें 27 पैसे की मजबूती आई थी और यह 94.95 के स्तर पर बंद हुआ था. इससे पहले सोमवार और शुक्रवार को भी रुपये में तेजी दर्ज की गई थी. लगातार छह कारोबारी सत्रों की तेजी से रुपये को विदेशी निवेश और घरेलू बाजार से सपोर्ट मिलता दिख रहा है.
बाजार की तेजी से मिला फायदा
जानकारों को मानना है कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी और विदेशी निवेश के कारण रुपये को सपोर्ट मिला. विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भारतीय मुद्रा की मांग बढ़ने का असर देखने को मिला. शुक्रवार को Sensex 362.57 अंक की तेजी के साथ 76515.43 पर बंद हुआ. वहीं Nifty 24.25 अंक चढ़कर 23897.70 के स्तर पर पहुंच गया.
US Iran तनाव से बढ़ सकता है दबाव
रुपये के लिए सबसे बड़ा रिस्क कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी हुई हैं. Brent Crude शुक्रवार को 95.53 Dollar प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था. US और Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. Strait of Hormuz के जरिए तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है.
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Dollar Index और आगे का अनुमान
Dollar Index छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले US Dollar की स्थिति को दिखाता है और शुक्रवार को यह 0.21 फीसदी चढ़कर 99.11 पर रहा. सुरक्षित निवेश की मांग के कारण Dollar को कुछ सपोर्ट मिला. जानकारों का मानना है कि बेहतर वैश्विक माहौल और विदेशी कैपिटल आने से रुपये का रुख पॉजिटिव रह सकता है. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमत और US Iran तनाव से इसमें दबाव भी आ सकता है.
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