Microsoft VEO: ₹1 लाख की सैलरी वाले कर्मचारी को कितना मिलेगा फायदा; 60 हजार लोगों पर ऐसे होगा असर
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए Voluntary Exit Offer (VEO) पेश किया है. इसके तहत भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में चुनिंदा टीमों के योग्य कर्मचारी वित्तीय सहायता और करियर प्लानिंग की मदद के साथ कंपनी छोड़ सकते हैं. यह ऑफर लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए है, लेकिन सभी विभागों पर लागू नहीं होगा. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर सहायता की निश्चित रकम नहीं बताई है.

Microsoft Voluntary Exit Offer: एक तरफ दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनियां अपनी कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं. कुछ कंपनियां अचानक से ईमेल भेजकर अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल बाहर कर रही हैं. दूसरी तरफ दिग्गज आईटी जाइंट माइक्रोसॉफ्ट ने कमर्चारियों की संख्या को कम करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (Voluntary Exit Offer) पेश किया है.
इसके तहत चुनिंदा टीमों के योग्य कर्मचारी नौकरी छोड़ सकते हैं. बदले में कंपनी उन्हें कई तरह की सुविधाएं और वित्तीय सहायता मुहैया कराएगी. साथ ही कंपनी कर्मचारियों के भविष्य के करियर प्लानिंग में भी मदद करेगी.
4 देशों के कर्मचारियों के लिए ऑफर
माइक्रोसॉफ्ट का यह ऑफर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में काम कर रहे कर्मचारियों पर लागू होगा. एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं चीफ पीपुल ऑफिसर एमी कोलमैन ने 26 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी. हालांकि, यह सुविधा माइक्रोसॉफ्ट के सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है. इसका लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जो तय शर्तों और भाग लेने वाली टीमों के दायरे में आते हैं.
क्या है Microsoft का Voluntary Exit Offer?
माइक्रोसॉफ्ट का Voluntary Exit Offer एक स्वैच्छिक कार्यक्रम है. यानी योग्य कर्मचारी चाहें तो इसे स्वीकार करके कंपनी छोड़ सकते हैं. कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस ऑफर के तहत कर्मचारियों को वित्तीय सहायता और करियर प्लानिंग से जुड़े संसाधन दिए जाएंगे.
इसका उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी से बाहर नए अवसर तलाशने का विकल्प देना है. साथ ही, कंपनी बदलती कारोबारी जरूरतों के हिसाब से अपने वर्कफोर्स को व्यवस्थित कर सकेगी. माइक्रोसॉफ्ट ने कहा है कि यह सीमित समय के लिए पेश किया गया कार्यक्रम है.
किन देशों के कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 60,000 कर्मचारी इस कार्यक्रम के दायरे में आ सकते हैं. भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23,000 कर्मचारी हैं, लेकिन इनमें से कितने कर्मचारियों को यह ऑफर मिलेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है. कंपनी ने साफ किया है कि सभी विभागों और टीमों में यह योजना लागू नहीं होगी. पात्रता संबंधित बिजनेस की जरूरतों, ग्राहकों से जुड़ी जिम्मेदारियों और वर्कफोर्स की जरूरतों पर निर्भर करेगी.
किस सैलरी लेवल के कर्मचारी पात्र होंगे?
माइक्रोसॉफ्ट ने इस ऑफर के लिए अपने आंतरिक जॉब लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों को पात्रता के दायरे में रखा है. यहां लेवल का मतलब कंपनी में कर्मचारी का पद और वरिष्ठता है, न कि कोई तय सालाना सैलरी ब्रैकेट. इसके अलावा, लेवल 70 या उससे नीचे होने भर से पात्रता तय नहीं होगी. कर्मचारी की टीम या संगठन का इस कार्यक्रम में शामिल होना भी जरूरी है. योग्य कर्मचारियों को उनके ऑफर की जानकारी ईमेल के जरिए दी जाएगी.
कंपनी कितनी वित्तीय सहायता देगी?
माइक्रोसॉफ्ट की आधिकारिक घोषणा में सभी कर्मचारियों के लिए एक तय रकम या पेमेंट का फॉर्मूला पब्लिक नहीं किया गया है. हालांकि PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में यह पैकेज कंपनी की सामान्य सेवरेंस सिस्टम जैसा हो सकता है. इसमें सर्विस के हर पूरे साल के लिए एक महीने की बेस सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सर्विस शामिल होने की जानकारी दी गई है.
हालांकि, कर्मचारियों को मिलने वाली वास्तविक रकम उनकी पर्सनल शर्तों पर निर्भर करेगी. इसलिए इसे हर कर्मचारी के लिए तय पेमेंट नहीं माना जाना चाहिए. योग्य कर्मचारियों को ईमेल में अपने ऑफर की डिटेल शर्तें मिलेंगी.
₹1 लाख की बेस सैलरी पर कितना मिलेगा फायदा?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के Voluntary Exit Offer के तहत कर्मचारी को हर पूरे साल की सर्विस के बदले एक महीने की बेस सैलरी के बराबर पेमेंट मिल सकता है.
उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मासिक बेस सैलरी 3 लाख रुपये है और उसने कंपनी में 5 साल पूरे किए हैं, तो इस फॉर्मूले के आधार पर उसे करीब 15 लाख रुपये मिल सकते हैं. यानी कि कर्मचारी ने जितने साल नौकरी की है, उस आधार पर हर साल के एवज में एक महीने की बेसिक सैलरी दी जाएगी.
वहीं, 10 साल की सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारी को करीब 30 लाख रुपये मिल सकते हैं. इसके अलावा पैकेज में हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन से जुड़ी सर्विस भी शामिल हो सकती हैं. हालांकि, यह एक अनुमानित कैलकुलेशन है. वास्तविक रकम की पुष्टि कर्मचारी को मिले व्यक्तिगत ऑफर से ही होगी.
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भारत में कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
भारत में इस ऑफर का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी टीमें इसमें शामिल हैं और कितने योग्य कर्मचारी इसे स्वीकार करते हैं. फिलहाल कंपनी ने भारत में ऑफर पाने वाले कर्मचारियों की संख्या या संभावित निकासी का लक्ष्य नहीं बताया है.