हवाई सफर का बदलेगा पूरा नक्शा! PM Modi ने लॉन्च की Modified UDAN Scheme; छोटे शहरों को मिलेगी नई उड़ान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28,840 करोड़ रुपये की Modified UDAN Scheme लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य देशभर में क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. इस योजना के तहत 100 नए एयरोड्रोम, 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे और एयरलाइंस को वायबिलिटी गैप फंडिंग भी दी जाएगी.

पीएम मोदी Image Credit: pti

Modified UDAN Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश में क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए Modified UDAN Scheme की शुरुआत की. सरकार ने इस योजना के लिए अगले 10 वर्षों में 28,840 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया. सरकार का मानना है कि यह योजना देश के दूरदराज और कम सर्विस वाले क्षेत्रों तक हवाई सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगी.

क्या है Modified UDAN Scheme

Modified UDAN Scheme को “उड़े देश का आम नागरिक” अभियान के अगले चरण के रूप में पेश किया गया है. इसका उद्देश्य देशभर में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाना, नए एयरपोर्ट विकसित करना, हेलिपैड तैयार करना और छोटे शहरों तक हवाई सेवाओं का विस्तार करना है.

इस योजना के तहत अगले 10 वर्षों में कुल 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें अलग-अलग मदों के लिए बजट तय किया गया है, ताकि एयरपोर्ट विकास से लेकर एयरलाइन संचालन तक सभी जरूरतों को पूरा किया जा सके.

100 नए एयरोड्रोम होंगे विकसित

योजना के तहत मौजूदा लेकिन उपयोग में नहीं आने वाली एयरस्ट्रिप्स को विकसित कर 100 एयरोड्रोम तैयार किए जाएंगे. इसके लिए करीब 12,159 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि जिन क्षेत्रों में अभी तक नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां भी एयर कनेक्टिविटी पहुंचाई जाए.

एयरपोर्ट संचालन के लिए भी मिलेगी वित्तीय सहायता

कई छोटे एयरपोर्ट शुरुआती वर्षों में पर्याप्त यात्री नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं रह पाते. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) के लिए भी सहायता देने का फैसला किया है. योजना के तहत लगभग 441 एयरोड्रोम को 3 वर्षों तक वित्तीय सहायता दी जाएगी.

इसके लिए करीब 2,577 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रत्येक एयरपोर्ट को अधिकतम 3.06 करोड़ रुपये प्रति वर्ष और प्रत्येक हेलीपोर्ट या वॉटर एयरोड्रोम को 0.90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक सहायता मिल सकेगी.

200 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे

सरकार पहाड़ी, सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड भी विकसित करेगी. प्रत्येक हेलीपैड पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस परियोजना पर कुल 3,661 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

एयरलाइंस को मिलेगा वायबिलिटी गैप फंडिंग

क्षेत्रीय रूटों पर उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइंस को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) भी जारी रखेगी. अगले 10 वर्षों में इस मद के तहत 10,043 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम यात्री संख्या वाले रूटों पर भी एयरलाइंस अपनी सेवाएं जारी रख सकें और यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध हो.

स्वदेशी एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर खरीदने पर जोर

Modified UDAN Scheme में आत्मनिर्भर भारत को भी प्राथमिकता दी गई है. इसके तहत पवन हंस के लिए HAL ध्रुव के दो हेलीकॉप्टर और अलायंस एयर के लिए HAL डोर्नियर के दो विमान खरीदे जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे स्वदेशी एविएशन मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा.

जोधपुर एयरपोर्ट को मिला नया टर्मिनल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल का क्षेत्रफल 23,000 वर्ग मीटर से अधिक है. यह आधुनिक टर्मिनल हर साल लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है. इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ट्रैवल एक्सपीरियंस अधिक आसान और सुविधाजनक होगा.

यह भी पढ़ें: AI की दौड़ में किसका होगा राज? Netweb और E2E Networks की टक्कर में कौन निकला सबसे आगे; रखें नजर