मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन ने पकड़ी रफ्तार, पहली बार सामने आया वीडियो
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने बड़ी प्रगति हासिल की है. 508 किमी कॉरिडोर में 453 किमी पियर और 359 किमी वायाडक्ट का काम पूरा हो चुका है. शुरुआती सेवा 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना यानी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. ताजा प्रगति के मुताबिक 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 453 किलोमीटर पियर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 359 किलोमीटर वायाडक्ट तैयार हो चुके हैं. परियोजना की निर्माण गति बढ़ने से अब देश की पहली हाई-स्पीड ट्रेन का सपना धीरे-धीरे जमीन पर उतरता दिख रहा है.
453 किमी पियर का काम पूरा
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) तैयार कर रहा है. इसके 508 किमी लंबे रूट पर पियर निर्माण का काम 453 किमी तक पूरा हो गया है. पियर वे मजबूत खंभे होते हैं, जिनके ऊपर वायाडक्ट और रेलवे ट्रैक का ढांचा तैयार किया जाता है.
वहीं, अब तक 359 किमी वायाडक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है. यह प्रगति बताती है कि परियोजना कई हिस्सों में शुरुआती नींव और पियर निर्माण के चरण से आगे बढ़कर ट्रैक से जुड़े काम की ओर बढ़ रही है.
ट्रैक का काम भी तेजी से जारी
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर सिर्फ पियर और वायाडक्ट ही नहीं, बल्कि ट्रैक से जुड़े काम भी आगे बढ़ रहे हैं. उपलब्ध प्रगति आंकड़ों के अनुसार 215 किमी आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हो चुका है. इसके अलावा करीब 91 किमी ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके हैं और इन हिस्सों में सीमेंट-डामर मोर्टार से जुड़ा काम भी पूरा किया गया है.
ट्रैक के साथ बिजली व्यवस्था के लिए भी काम चल रहा है. करीब 200 किलोमीटर हिस्से में 9,000 से ज्यादा ओवरहेड इक्विपमेंट मस्त लगाए जा चुके हैं. यही सिस्टम हाई-स्पीड ट्रेन को बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
297 किमी में नॉइज बैरियर लगाए गए
हाई-स्पीड ट्रेन चलने के दौरान होने वाले शोर को कम करने के लिए कॉरिडोर पर नॉइज बैरियर भी लगाए जा रहे हैं. अब तक करीब 297 किलोमीटर हिस्से में नॉइज बैरियर लगाए जा चुके हैं.
परियोजना में नदी और बड़े ढांचों को पार करने के लिए पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है. अब तक 17 नदी पुल और 15 स्टील पुल पूरे होने की जानकारी सामने आई है.
महाराष्ट्र में सुरंग निर्माण अहम
मुंबई की ओर परियोजना का हिस्सा तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है. यहां पहाड़ी और सुरंग वाले हिस्सों में काम किया जा रहा है. चार पहाड़ी सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है. इसके अलावा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से करीब 5 किलोमीटर सुरंग का काम पूरा किया गया है.
2027 में शुरू हो सकती है पहली सेवा
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है. शुरुआती तौर पर सूरत-वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर हिस्से में सेवा शुरू करने का लक्ष्य अगस्त 2027 बताया गया है. पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को दिसंबर 2029 तक तैयार करने की योजना है.
पूरी तरह तैयार होने के बाद बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है.
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