75 साल के Nadir Godrej हुए रिटायर, अब कौन संभालेगा कारोबार?
Pirojsha Godrej ने 14 अगस्त 2026 से Godrej Industries Group की कमान संभाल ली है. चौथी पीढ़ी के इस कारोबारी के सामने समूह की वैल्यूएशन पांच साल में 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है.

करीब एक सदी पुराने Godrej Industries Group में अब नेतृत्व की कमान नई पीढ़ी के हाथों में आ गई है. Pirojsha Godrej 14 अगस्त 2026 से Godrej Industries Group और Godrej Industries Limited के चेयरपर्सन का पद संभाल रहे हैं. वह परिवार की चौथी पीढ़ी से आते हैं और इससे पहले रियल एस्टेट कारोबार में अपनी पहचान बना चुके हैं.
Nadir Godrej के बाद संभाली जिम्मेदारी
Pirojsha Godrej अपने चाचा Nadir Godrej की जगह ले रहे हैं. Nadir Godrej अगस्त 2026 में 75 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद चेयरपर्सन पद से हटकर चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका में जाएंगे. यह बदलाव Godrej Industries Group में पहले से तैयार की गई उत्तराधिकार योजना का हिस्सा है.
Pirojsha को पहले ही चेयरपर्सन-डिजाइनेट बनाया गया था. अब वह समूह की कमान संभालने के साथ Godrej Properties, Godrej Capital और Godrej Ventures में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी जारी रखेंगे.
राजनीति में जाना चाहते थे, फिर रियल एस्टेट चुना
Pirojsha Godrej का सफर पारंपरिक कारोबारी परिवार के वारिस जैसा नहीं रहा है. शुरुआत में उनकी दिलचस्पी राजनीति में थी, लेकिन बाद में उन्होंने रियल एस्टेट को अपना करियर चुना. Godrej Group में उन्होंने प्रॉपर्टी कारोबार को आगे बढ़ाने और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई.
Godrej Properties में उनके नेतृत्व के दौरान कंपनी ने भारत के रियल एस्टेट बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की. अब उनका अनुभव पूरे समूह के लिए काम आएगा, जहां रियल एस्टेट के अलावा FMCG, फाइनेंस, कृषि और केमिकल जैसे कई कारोबार शामिल हैं.
अब कारोबार बढ़ाने की बड़ी चुनौती
Pirojsha के सामने सबसे बड़ी चुनौती Godrej Industries Group की पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए कारोबार की रफ्तार तेज करना है. Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, वह समूह के मूल्यांकन को दो गुना से ज्यादा बढ़ाने की महत्वाकांक्षी रणनीति पर काम करना चाहते हैं.
समूह का कारोबार काफी विविध है. इसमें FMCG, रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाएं, कृषि और केमिकल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं. FY25 में समूह का राजस्व करीब 6.1 अरब डॉलर था और मार्च 2026 तक इसका बाजार पूंजीकरण करीब 20 अरब डॉलर बताया गया था.
विरासत के साथ नई सोच पर जोर
Pirojsha के लिए यह सिर्फ एक पद संभालने का बदलाव नहीं है, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों से चली आ रही कारोबारी विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी है. उनका फोकस पुराने कारोबार को मजबूत करने के साथ नए अवसरों पर तेजी से काम करने पर रहेगा.
Godrej Industries Group में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब भारतीय कंपनियों में अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का दौर तेज हो रहा है. Pirojsha के सामने अब चुनौती होगी कि वह Godrej की पुरानी पहचान और नई कारोबारी सोच के बीच सही संतुलन बनाकर समूह को अगले स्तर तक पहुंचाएं.