AI का असर, प्राइवेट बैंकों ने एक साल में घटाए 10114 नौकरियां, जानें क्यों बदला हायरिंग का तरीका
भारत के टॉप 10 प्राइवेट बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में 10,114 कर्मचारियों की संख्या घटाई है. इससे पहले भी इन बैंकों का स्टाफ 9,637 कम हुआ था. AI, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी से बैंक कम कर्मचारियों के साथ कारोबार बढ़ा रहे हैं. आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में सबसे ज्यादा कमी हुई.

प्राइवेट बैंकों में AI और टेक्नोलॉजी का असर अब कर्मचारियों की संख्या पर भी दिखने लगा है. देश के टॉप 10 प्राइवेट बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में कुल 10114 कर्मचारियों की संख्या कम की. इससे पहले वित्त वर्ष 2025 में भी इन बैंकों का स्टाफ 9637 घटा था. इसके उलट वित्त वर्ष 2024 में इन बैंकों ने 83645 कर्मचारियों की भर्ती की थी. बैंक अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने के लिए ऑटोमेशन और AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं.
टॉप 10 प्राइवेट बैंकों में घटा स्टाफ
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के अंत में देश के 10 प्रमुख प्राइवेट बैंकों में कर्मचारियों की कुल संख्या घटकर 739452 रह गई. दो साल पहले यह संख्या 759203 थी. यानी दो साल में कुल कर्मचारियों की संख्या करीब 2.6 फीसदी कम हुई है. इस लिस्ट में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, यस बैंक, फेडरल बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, बंधन बैंक और आरबीएल बैंक शामिल हैं.
बड़े बैंकों ने सबसे ज्यादा कर्मचारी घटाए
कर्मचारियों की संख्या में सबसे बड़ी कमी चार प्रमुख प्राइवेट बैंकों में देखने को मिली. एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने मिलकर वित्त वर्ष 2026 में 14364 कर्मचारियों की संख्या कम की. आईसीआईसीआई बैंक में 6633 कर्मचारियों की कमी हुई. एचडीएफसी बैंक ने 3346 और एक्सिस बैंक ने 3116 कर्मचारी कम किए. कोटक महिंद्रा बैंक में भी 1269 कर्मचारियों की कमी दर्ज हुई.
मिड साइज बैंकों में बढ़ी कर्मचारियों की संख्या
सभी प्राइवेट बैंकों में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं हुई है. कुछ मिड साइज बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में स्टाफ बढ़ाया. फेडरल बैंक ने 1570 कर्मचारी जोड़े. इंडसइंड बैंक में 1491 और यस बैंक में 904 कर्मचारियों की बढ़ोतरी हुई. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 869 और बंधन बैंक ने 365 कर्मचारी जोड़े. दूसरी ओर आरबीएल बैंक ने 949 कर्मचारियों की संख्या कम की.
भर्ती की रफ्तार भी हुई धीमी
बड़े बैंकों में सिर्फ कुल कर्मचारियों की संख्या ही नहीं घटी बल्कि नई भर्ती की रफ्तार भी कम हुई है. एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026 में 45,902 कर्मचारियों की भर्ती की. वित्त वर्ष 2024 में यह संख्या 89,115 थी. इसी तरह कोटक महिंद्रा बैंक में स्थायी कर्मचारियों की भर्ती करीब 18927 रही, जो वित्त वर्ष 2023 में 31686 थी. इससे पता चलता है कि बैंक अब कर्मचारियों की जगह जरूरत के हिसाब से भर्ती पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.
AI और ऑटोमेशन से बढ़ी प्रोडक्टिविटी
बैंकों में AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. एक्सिस बैंक का AI आधारित कर्मचारी सहायक 84 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मदद दे रहा है. यह शाखाओं से जुड़े 81 फीसदी से ज्यादा सवालों को हल कर रहा है. बैंक के अनुसार कुछ ग्राहक सेवाओं में इससे प्रोडक्टिविटी 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है. आईसीआईसीआई बैंक ने 100 से ज्यादा ऑटोनॉमस बॉट तैनात किए हैं. फेडरल बैंक ने 385 से ज्यादा प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया है.
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कम कर्मचारियों लेकिन बढ़ रहा ब्रांच नेटवर्क
कर्मचारियों की संख्या घटने के बावजूद बड़े प्राइवेट बैंकों का कारोबार और शाखा नेटवर्क बढ़ रहा है. चार प्रमुख बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में संयुक्त रूप से करीब 1,289 नई शाखाएं और बिजनेस सेंटर जोड़े. इससे बैंकिंग सेक्टर में काम करने का तरीका बदलता दिख रहा है. पहले शाखाओं के विस्तार के साथ कर्मचारियों की संख्या भी तेजी से बढ़ती थी. अब टेक्नोलॉजी की मदद से बैंक कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा ग्राहकों और शाखाओं को संभालने की कोशिश कर रहे हैं. आने वाले समय में AI का असर भर्ती पर और ज्यादा दिखाई दे सकता है.