सरकारी बैंकों के मर्जर पर बड़ा अपडेट, 12 PSU Banks से बन सकते हैं 4-5 मेगा बैंक, वित्त मंत्री का अहम बयान
देश में सरकारी बैंकों के संभावित विलय (PSU Banks Merger) को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पिछले कई वर्षों से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार पब्लिक सेक्टर बैंकों की संख्या कम करके कुछ बड़े और मजबूत “मेगा बैंक” बनाना चाहती है. फिलहाल देश में लगभग 12 सरकारी बैंक बचे हैं, जिन्हें भविष्य में मिलाकर 4 से 5 बड़े बैंक बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है.
इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान सामने आने के बाद यह विषय फिर सुर्खियों में आ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक विलय का उद्देश्य कमजोर बैंकों को मजबूत बनाना, लागत कम करना, टेक्नोलॉजी और पूंजी क्षमता बढ़ाना तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंक तैयार करना हो सकता है.
अगर आपका पैसा किसी सरकारी बैंक में जमा है, जैसे सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या आपने किसी PSU बैंक के शेयरों में निवेश किया हुआ है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. हालांकि आम तौर पर बैंक मर्जर के बाद ग्राहकों की जमा राशि सुरक्षित रहती है और सेवाएं जारी रहती हैं, लेकिन शाखाओं, IFSC कोड, अकाउंट डिटेल और बैंकिंग प्रक्रियाओं में बदलाव हो सकता है.
कुल मिलाकर, यदि सरकार आगे और मर्जर करती है, तो भारत में कुछ बड़े, मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम सरकारी बैंक सामने आ सकते हैं, जिससे बैंकिंग सेक्टर की संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.