कमजोर बाजार के बावजूद इस सोलर कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. HSBC की ‘Buy’ रेटिंग और 350 रुपये के टारगेट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जबकि कंपनी की मजबूत ग्रोथ आउटलुक और रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन इसे आकर्षक बना रहे हैं.
वैश्विक तनाव और कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को सर्राफा बाजार दबाव में रहा. दिल्ली में चांदी 1,800 रुपये गिर गई, जबकि सोना भी नरम हुआ. अमेरिका-ईरान वार्ता के असफल रहने और डॉलर की मजबूती ने बुलियन की चमक फीकी कर दी, आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव के संकेत हैं.
वेतन बढ़ोतरी की मांग से शुरू हुआ नोएडा का श्रमिक प्रदर्शन अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर आर्थिक चिंता का विषय बन गया है. राज्य के GDP में 10 फीसदी से ज्यादा योगदान देने वाले इस औद्योगिक हब में अस्थिरता निवेश, उत्पादन और निर्यात पर असर डाल सकती है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी से मजबूत हुए शुगर सेक्टर में हालिया गिरावट के बाद कुछ चुनिंदा स्टॉक्स निवेशकों के रडार पर हैं. Magadh Sugar, EID Parry और Dalmia Bharat Sugar जैसे शेयर 15-40 फीसदी तक टूटे हैं, लेकिन लंबी अवधि में इथेनॉल और डायवर्सिफिकेशन ग्रोथ का सहारा दे सकते हैं.
सोमवार, 13 अप्रैल को बाजार खुलते ही कई कंपनियों से जुड़े बड़े अपडेट्स का असर दिख सकता है. Muthoot Finance के डिविडेंड से लेकर Texmaco Rail और Enviro Infra के ऑर्डर तक, इन स्टॉक्स में हलचल की उम्मीद है. देखें पूरी लिस्ट.
BSE ने 75 शेयरों के प्राइस बैंड में बदलाव कर बाजार में बढ़ती असामान्य हलचल और सट्टेबाजी पर रोक लगाने की कोशिश की है. नए सर्किट लिमिट लागू होने से इन स्टॉक्स में अब उतार-चढ़ाव सीमित रहेगा, जिससे ट्रेडिंग पैटर्न पर असर पड़ सकता है.
अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सोना-चांदी में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ गई है. निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल, महंगाई आंकड़ों और ग्लोबल संकेतों पर है, जो इस हफ्ते बुलियन मार्केट की दिशा तय करेंगे. जानें क्या है एक्सपर्ट की राय.
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा बयान सामने आया है. न्यूक्लियर मुद्दे पर असहमति के बीच होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की चेतावनी ने वैश्विक तनाव और बढ़ा दिया है. इसी के साथ ट्रंप ने शांति वार्ता से जुड़ी कई बातें बताई.
रेलवे सेक्टर की इस कंपनी को Hindalco से 23.57 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने के बाद स्टॉक निवेशकों के रडार पर आ गया है. मजबूत ऑर्डर बुक और रेलवे सेक्टर में बढ़ती मांग के बीच यह डील कंपनी के लिए अहम ट्रिगर साबित हो सकती है. जानें शेयरों का कैसा रहा है प्रदर्शन.
अमेरिका-ईरान बातचीत बिना नतीजे खत्म होने से शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. पिछले हफ्ते की तेजी के बाद अब निवेशक सतर्क हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई के आंकड़े और Q4 नतीजे इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे. जानें क्चा है एक्सपर्ट्स की राय.