चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन? AMCA इंजन पर अंबानी का बड़ा दांव
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रोल्स-रॉयस के साथ साझेदारी कर AMCA के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन विकसित करने का फैसला किया है. दोनों कंपनियां डिजाइन, निर्माण और टेस्टिंग पर काम करेंगी. यह कदम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने में मदद करेगा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने शुक्रवार को डिफेंस सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने ब्रिटेन की इंजन बनाने वाली कंपनी रोल्स-रॉयस के साथ साझेदारी की है. दोनों कंपनियां भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन बनाने की दिशा में काम करेंगी. इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां इंजन की डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और डिलीवरी से जुड़ी क्षमताएं विकसित करेंगी.
दोनों कंपनियों की ताकत आएगी साथ
कंपनियों के मुताबिक, इस साझेदारी में रोल्स-रॉयस अपनी एडवांस इंजन और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता लाएगी. वहीं, रिलायंस अपनी मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता का इस्तेमाल करेगी. मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस अब तक तेजी से बढ़ रहे डिफेंस सेक्टर से काफी हद तक दूर रही है. हालांकि, कंपनी की एक ऐसी कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है, जो सैन्य और गैर-सैन्य ड्रोन बनाती है. इसके अलावा रिलायंस ने कई डिफेंस स्टार्टअप और कंपनियों में भी निवेश किया है.
देश में बनेगा एयरोस्पेस इंजन का इकोसिस्टम
इस साझेदारी के तहत रिलायंस और रोल्स-रॉयस एक अलग एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की संभावना भी तलाशेंगी. इसे पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जा सकता है. कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद भारत में AMCA इंजन के संयुक्त विकास के साथ-साथ एयरो-इंजन की पूरी क्षमता देश में तैयार करना है. इसमें इंजन की डिजाइन और विकास से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, प्रोडक्शन और लंबे समय तक सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी.
फ्रांस की सफ्रान से मिलेगी बड़ी चुनौती
AMCA के इंजन को लेकर रिलायंस-रोल्स-रॉयस गठजोड़ को फ्रांस की कंपनी सफ्रान से बड़ी चुनौती मिल सकती है. सफ्रान को AMCA कार्यक्रम के लिए अगली पीढ़ी के फाइटर जेट इंजन विकसित करने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण तकनीकों में देश की अपनी क्षमता होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस की एडवांस प्रोपल्शन विशेषज्ञता को रिलायंस की टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, बड़े स्तर पर काम करने और प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा.
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
यह साझेदारी भारत में महत्वपूर्ण रक्षा तकनीकों की घरेलू क्षमता बढ़ाने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिशों से जुड़ी है. यह सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप भी है. रोल्स-रॉयस के सीईओ टुफान एर्गिनबिल्गिक ने कहा कि भारत में कंपनी की मौजूदा साझेदारियों और क्षमताओं के साथ यह समझौता देश में मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हालांकि, दोनों कंपनियों ने इस प्रस्तावित एयरो गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स में कितने निवेश की योजना है और इसे कब तक स्थापित किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी है.
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