SBI Q1 Results: SBI ने किया शानदार आगाज, Q1 में 21121 करोड़ रुपये रहा मुनाफा, NPA में सुधार
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 10.2 फीसदी बढ़कर 21,121 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रहा. तिमाही के दौरान NII में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ग्रॉस NPA घटकर 1.47 फीसदी पर आ गया.

SBI Q1 Results: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे पेश किए हैं. बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.2 फीसदी बढ़कर 21,121 करोड़ रुपये रहा. यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से बेहतर है. मजबूत नतीजों के बाद SBI के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली और BSE पर शेयर 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया.
बाजार के अनुमान से बेहतर रहा नेट प्रॉफिट
जून तिमाही में SBI का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 21,121 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ने 19,160 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था. यानी बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.2 फीसदी बढ़ा है. वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.7 फीसदी बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 21,201 करोड़ रुपये था.
NII में 15 फीसदी की बढ़ोतरी
बैंक की मुख्य कमाई यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी मजबूत रही. जून तिमाही में NII 15 फीसदी बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही. बाजार को इसके 45,800 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी. इससे साफ है कि बैंक की कोर बैंकिंग आय लगातार मजबूत बनी हुई है.
एसेट क्वालिटी में सुधार
SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला. जून तिमाही के अंत तक बैंक का ग्रॉस NPA घटकर 1.47 फीसदी रह गया, जो मार्च तिमाही में 1.49 फीसदी और एक साल पहले 1.83 फीसदी था. वहीं, नेट NPA भी 0.39 फीसदी से घटकर 0.38 फीसदी पर आ गया. हालांकि, रुपये के हिसाब से ग्रॉस NPA 74,272 करोड़ रुपये और नेट NPA 19,158 करोड़ रुपये रहा.
प्रोविजन बढ़ा, लेकिन NPA पर नियंत्रण
जून तिमाही में बैंक का कुल प्रोविजन बढ़कर 5,047 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 2,872 करोड़ रुपये था. दूसरी ओर, NPA के लिए किए गए प्रोविजन पिछले साल के 4,934 करोड़ रुपये से घटकर 3,359 करोड़ रुपये रह गए. इससे संकेत मिलता है कि बैंक की एसेट क्वालिटी पहले के मुकाबले बेहतर हुई है.
लोन और डिपॉजिट में मजबूत ग्रोथ
तिमाही के दौरान SBI की ग्रॉस एडवांस यानी कुल लोन बुक 18.6 फीसदी बढ़कर 50.47 लाख करोड़ रुपये हो गई. वहीं, डिपॉजिट 9.7 फीसदी बढ़कर 60 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. बैंक का CASA रेशियो 39.24 फीसदी रहा.
NIM और कैपिटल स्थिति भी मजबूत
पूरे बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 2.86 फीसदी हो गया, जो पिछली तिमाही में 2.81 फीसदी था. 30 जून, 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.67 फीसदी रहा, जबकि CET-1 रेशियो 12.89 फीसदी दर्ज किया गया.
शेयर में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी
जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद SBI के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. BSE पर शेयर 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 1,118 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा. पिछले एक महीने में SBI का शेयर करीब 8 फीसदी चढ़ चुका है.
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