चीन से लेकर श्रीलंका तक सख्ती, कहीं WFH तो कहीं पेट्रोल-डीजल की कटौती, जानें कैसे गहराया ऊर्जा संकट

दुनिया भर के देश ईंधन बचाने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को चालू रखने के लिए कड़े कदम उठाने पर मजबूर हो गए. कई देशों ने काफी सख्त कदम उठाए हैं. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार, यह इतिहास का सबसे बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट बनता जा रहा है.

कई देशों ने उठाए हैं सख्त कदम. Image Credit: Money9

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने दुनिया के एनर्जी मार्केट को संकट में डाल दिया है. होर्मुज स्ट्रेट के जरिए बंद आवाजाही के चलते तेल की सप्लाई थम गई है, जिससे दुनिया के कई देशों के सामने एनर्जी का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है. दुनिया भर के देश ईंधन बचाने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को चालू रखने के लिए कड़े कदम उठाने पर मजबूर हो गए. कई देशों ने काफी सख्त कदम उठाए हैं. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार, यह इतिहास का सबसे बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट बनता जा रहा है. एनर्जी को बचाने के लिए 60 से ज्यादा देशों ने करीब 200 नीतियां लागू की हैं.

एनर्जी बचाने की कोशिश

इस वैश्विक संकट के दौरान, सरकारें नियमित रूप से नागरिकों से खपत कम करने, यात्रा घटाने और ऊर्जा बचाने का आग्रह कर रही हैं. संयम बरतने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील भी इसी वैश्विक चलन का एक हिस्सा है़. कई देशों ने तो केवल अपील करने से आगे बढ़कर, 2026 के तेल संकट से निपटने के लिए ईंधन की राशनिंग, घर से काम करना अनिवार्य करना, ईंधन की सीमा तय करना, गति सीमा कम करना और यात्रा पर पाबंदियां लगाने जैसे आदेश भी जारी किए हैं.

तेल की कीमतें स्थिर

भारत में सरकार ने अभी तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी भी तरह का इजाफा नहीं किया है. हालांकि, तेल मार्केटिंग कंपनियों नुकसान उठाना पड़ रहा है. 33 करोड़ घरों को खाना पकाने की गैस देने के लिए फर्टिलाइजर प्लांट्स की सप्लाई 30% कम की गई है.

देशों ने उठाए हैं अलग-अलग कदम

चीन: चीन ने ईंधन और उर्वरक निर्यात सीमित कर दिया ताकि देश के अंदर सप्लाई बनी रहे. चीन ने मार्च महीने में ही पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे रिफाइंड ईंधन के निर्यात पर रोक लगा दी थी.

श्रीलंका: स्कूलों, विश्वविद्यालयों और गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है. QR-कोड-आधारित राष्ट्रीय ईंधन पास सिस्टम के जरिए निजी वाहनों के लिए पेट्रोल की साप्ताहिक सीमा 15 लीटर तय की गई है.

नेपाल: नेपाल ने खाली LPG सिलेंडर में केवल आधी गैस भरे जाने का फैसला किया है. ताकि स्टॉक लंबे समय तक चल सके. सरकार ने मार्च में ही रसोई गैस (LPG) की राशनिंग शुरू कर दी है. नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन (NOC) ने 13 मार्च 2026 से 14.2 किलो वाले सिलेंडरों में सिर्फ 7.1 किलो (आधा) गैस भरने का फैसला किया है.

बांग्लादेश: अपने पावर ग्रिड पर दबाव कम करने के लिए, ढाका ने सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन पढ़ाई के तरीकों पर शिफ्ट कर दिया है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पांच घंटे का बारी-बारी से बिजली कटौती का शेड्यूल लागू किया है, ताकि कपड़ा निर्यात क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा सके.

भूटान: जमाखोरी रोकने के लिए जेरी कैन में ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और आपातकालीन सेवाओं के लिए राशनिंग की प्राथमिकताएं तय की हैं.

पाकिस्तान: सरकारी कर्मचारियों के लिए चार दिन का काम वाला हफ्ता लागू किया है और सरकारी विभागों के लिए ईंधन के कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है. पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. मई में पेट्रोल का भाव बढ़कर 414.78 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो चुका है.

फिलीपींस: अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए चार दिन का काम वाला हफ्ता अपनाया है और गैर-जरूरी आधिकारिक यात्राओं पर रोक लगा दी है.

वियतनाम: व्यवसायों को घर से काम करने की सुविधा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है और नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए कहा गया है. वियतनाम ने ईंधन टैक्स में छूट दी, लेकिन जेट फ्यूल की कमी के कारण उड़ानें कम करनी पड़ी हैं. इससे देश के पर्यटन उद्योग पर असर पड़ा है.

म्यांमार: निजी वाहनों के लिए वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या के आधार पर ऑड-ईवन सिस्टम लागू की गई है, क्योंकि ईंधन की भारी कमी के कारण पूरे देश में पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं.

लाओस: सरकारी कर्मचारियों के लिए घर से काम करना अनिवार्य कर दिया गया है और आने-जाने की जरूरत को कम करने के लिए बारी-बारी से काम करने की पालियां ( Rotational Shifts) शुरू की गई हैं.

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