डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, 95.68 पर बंद हुई भारतीय करेंसी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय करेंसी पर दिखा और रुपया डॉलर के मुकाबले 95.68 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से बाजार में चिंता बढ़ गई है. शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई.

रुपया डॉलर के मुकाबले 95.68 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ. Image Credit: @Money9live

Rupee Fall: मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.68 पर बंद हुआ. इससे पहले सोमवार को भी रुपया 79 पैसे कमजोर हुआ था. विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों में डर का माहौल बना है. शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली.

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

मंगलवार को इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.74 तक गिर गया. अंत में भारतीय करेंसी 95.68 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई. यह अब तक का सबसे कमजोर बंद स्तर माना जा रहा है. सोमवार को भी रुपया 95.28 पर बंद हुआ था. लगातार गिरावट से आयात लागत बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.

अमेरिका और ईरान तनाव से बढा दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया है. इसके बाद निवेशकों में जोखिम लेने की भावना कमजोर हुई है. बाजार को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी

वैश्विक बाजार में Brent Crude Oil की कीमत 3 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है.

PM मोदी की अपील से बाजार में चर्चा

Narendra Modi ने हाल ही में लोगों से ईंधन बचाने और विदेशी खर्च कम करने की अपील की थी. उन्होंने पेट्रोल डीजल की बचत, मेट्रो और इलेक्ट्रिक वाहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही थी. साथ ही एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा टालने की सलाह भी दी थी. बाजार ने इसे बढ़ते आर्थिक दबाव के संकेत के रूप में देखा.

शेयर बाजार में भी भारी गिरावट

रुपये की कमजोरी और वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. मंगलवार को Sensex 1456 अंक गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं Nifty 436 अंक टूटकर 23379 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से करीब 1959 करोड़ रुपये की बिकवाली की. इससे बाजार में दबाव और बढ़ गया.

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आगे क्या रह सकता है हाल

जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपया दबाव में रह सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढती हैं या पश्चिम एशिया संकट गहराता है तो डॉलर के मुकाबले रुपया और कमजोर हो सकता है. हालांकि बाजार को उम्मीद है कि जरूरत पडने पर Reserve Bank of India बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है. फिलहाल डॉलर और तेल की चाल पर निवेशकों की नजर बनी हुई है.