डीजल-ATF के एक्सपोर्ट पर सरकार ने ₹11.5 तक बढ़ाया टैक्स, पेट्रोल पर शुल्क जीरो; आज से नई दरें लागू

सरकार ने 31 अक्टूबर से डीजल और ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है. डीजल पर शुल्क 8.5 रुपये से बढ़कर 11.5 रुपये और ATF पर 10.5 रुपये से बढ़कर 11 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं, पेट्रोल निर्यात पर शुल्क 2.5 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

पेट्रोल डीजल Image Credit: Canva/ Money9

सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है. वहीं, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को घटाकर शून्य कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, नई दरें 31 अक्टूबर से लागू हो गई हैं.

नई दरों के तहत डीजल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस मिलाकर शुल्क 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं, ATF के निर्यात पर शुल्क 10.5 से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर किया गया है. दूसरी ओर, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 2.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है.

डीजल, ATF और पेट्रोल पर अब कितना लगेगा शुल्क?

सरकार ने अलग-अलग पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर शुल्क में बदलाव किया है. नई दरें इस तरह हैं:

पेट्रोलियम उत्पादपहले शुल्कनया शुल्क
डीजल निर्यात₹8.5/लीटर₹11.5/लीटर
ATF निर्यात₹10.5/लीटर₹11/लीटर
पेट्रोल निर्यात₹2.5/लीटरशून्य

ये बदलाव 31 अक्टूबर से शुरू हुए पखवाड़े के लिए लागू किए गए हैं.

मार्च में लगाया गया था डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच सरकार ने 27 मार्च को डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क लगाया था. इसके बाद हर 15 दिन में इसकी दरों में बदलाव किया जाता रहा है. वहीं, 16 मई से पेट्रोल के निर्यात पर भी यह शुल्क लागू किया गया था.

सरकार ने यह कदम घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उठाया था. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई थी. ऐसे में सरकार का मकसद निर्यातकों को वैश्विक और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित फायदा उठाने से रोकना भी था.

घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं

वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है यानी नई दरों का असर निर्यात पर लगने वाले शुल्क तक सीमित है. विंडफॉल टैक्स का मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना और निर्यात को कम आकर्षक बनाना है, ताकि पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे.

आप पर क्या होगा इसका असर?

सरकार के इस फैसले का आम लोगों पर फिलहाल सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है. इसकी वजह यह है कि विंडफॉल टैक्स में किया गया बदलाव पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू होगा. वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है यानी पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल पर इस फैसले के चलते सीधे तौर पर कोई नया शुल्क नहीं लगाया गया है.

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