दुनिया पर मंडराया नए इबोला वायरस का खतरा, भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी; इन 3 देशों की यात्रा से बचें
WHO द्वारा अफ्रीकी देशों में फैले इबोला वायरस को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद भारत सरकार ने तुरंत सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है. तीन देशों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. सरकार ने एयरपोर्ट्स और एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि वायरस को भारत में प्रवेश करने से पहले ही रोका जा सके.

India issues travel advisory for African nation: साल 2020 में कोरोना महामारी ने जो तबाही मचाई थी, उसे देश आज तक नहीं भूला है. उस वक्त अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और आवाजाही पर फैसला लेने में हुई जरा सी भी देरी कितनी भारी पड़ी थी, इसका सबक भारत सीख चुका है. यही वजह है कि इस बार जैसे ही दुनिया पर एक और खतरनाक वायरस का साया मंडराया, भारत सरकार ने बिना एक पल गंवाए तुरंत एक्शन ले लिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अफ्रीकी देशों में फैले ‘इबोला’ वायरस को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने के तुरंत बाद भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशवासियों के लिए एक सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है.
इन तीन देशों की यात्रा न करने की सलाह
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अफ्रीकी महाद्वीप के तीन प्रमुख देशों की गैर-जरूरी यात्रा करने से पूरी तरह बचें:
- कांगो (Democratic Republic of the Congo)
- युगांडा (Uganda)
- साउथ सूडान (South Sudan)
सरकार ने साफ किया है कि जब तक हालात काबू में नहीं आ जाते, तब तक इन देशों की यात्रा करने से हर हाल में परहेज किया जाए.
क्यों खतरनाक है यह नया इबोला वायरस?
WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस बार इबोला का ‘बुंदीबुग्यो’ (Bundibugyo) स्ट्रेन तबाही मचा रहा है. यह एक बेहद गंभीर ‘वायरल हेमोरेजिक फीवर’ है, जिसमें मृत्यु दर (Mortality Rate) बहुत ज्यादा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि फिलहाल इस विशेष स्ट्रेन से निपटने के लिए दुनिया में कोई भी स्वीकृत वैक्सीन या पक्का इलाज मौजूद नहीं है.
भारत में अभी तक इस नए इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है. सरकार का यह कदम पूरी तरह से एहतियाती है ताकि वायरस को देश की सीमाओं के भीतर घुसने से पहले ही रोका जा सके.
सीमाओं पर सख्त पहरा, एयरपोर्ट्स पर अलर्ट
WHO की इमरजेंसी कमेटी की सिफारिशों के बाद भारत सरकार ने अपने एंट्री पॉइंट्स (एयरपोर्ट और बंदरगाहों) पर सर्विलांस और जांच को बेहद कड़ा कर दिया है. अगर कोई यात्री प्रभावित क्षेत्रों से लौट रहा है और उसमें बुखार या बीमारी के लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत ट्रैक और आइसोलेट करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा, जो भारतीय नागरिक इस वक्त इन प्रभावित देशों में पहले से मौजूद हैं, उन्हें स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने और हर संभव सावधानी बरतने को कहा गया है.