देश के वो जगह जहां पर्यटकों की एंट्री पर लगी है रोक

देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां घूमने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. ये प्रतिबंध नेशनल सिक्योरिटी, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और कल्चरल ट्रेडिशन को बचाने के उद्देश्य से लगाए गए हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन-कौन सी जगहें हैं.

भारत अपने मशहूर पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है, लेकिन देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां आम लोगों का जाना प्रतिबंधित है. इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा जैसे कारणों से सुरक्षित रखा गया है. ये स्थान रहस्यमय भी हैं और यह याद दिलाते हैं कि हर जगह पर्यटन के लिए खुली नहीं होती. यहां प्रकृति, परंपरा और स्थानीय अधिकारों को प्राथमिकता दी जाती है. नीचे भारत की चार ऐसी अहम जगहें दी गई हैं, जहां पर्यटन सीमित है.
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दुनिया की सबसे रहस्यमय जगहों में से एक नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड सेंटिनलीज जनजाति का घर है, जिन्हें दुनिया के आखिरी असंपर्कित समुदायों में माना जाता है. भारत सरकार ने जनजाति और बाहरी लोगों दोनों की सुरक्षा के लिए इस द्वीप में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है. पर्यटक इस द्वीप को केवल दूर से ही देख सकते हैं.
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अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अमरनाथ गुफा तक जाने की अनुमति होती है, लेकिन गुफा के अंदर कुछ हिस्से आम पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित रहते हैं. इन स्थानों को पवित्र माना जाता है और धार्मिक महत्व की रक्षा तथा भीड़ नियंत्रण के लिए यहां प्रवेश सीमित रखा जाता है.
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सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है और भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. खतरनाक मौसम और सुरक्षा कारणों से यहां पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं है. केवल सैन्यकर्मी और विशेष अनुमति प्राप्त वैज्ञानिक ही यहां जा सकते हैं. हालांकि यह ध्यान देने योग्य है कि सियाचिन बेस कैंप के पास स्थित सिविल पर्यटन सुविधा आम पर्यटकों के लिए खुली है और इसके लिए किसी विशेष परमिट की जरूरत नहीं होती है.
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अरुणाचल प्रदेश के कुछ संरक्षित वन क्षेत्रों में पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है. इन इलाकों का उद्देश्य आदिवासी समुदायों और विलुप्तप्राय प्रजातियों, जैसे दुर्लभ ऑर्किड और वन्यजीवों की रक्षा करना है. यहां जाने के लिए स्थानीय प्रशासन से विशेष अनुमति लेनी होती है, ताकि पर्यावरण और जनजातीय लाइफस्टाइल पर कोई असर न पड़े.
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