इस IPO में पैसे लगाने वालों की बल्ले-बल्ले! ₹285 का शेयर ₹465 पर हुआ लिस्ट, निवेशकों को 63% का फायदा

बिहारी लाल इंजीनियरिंग के शेयरों ने बाजार में जोरदार शुरुआत की. कंपनी का शेयर NSE पर 465 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 285 रुपये के इश्यू प्राइस से 63.16% ज्यादा है. एक लॉट पाने वाले रिटेल निवेशकों को करीब 9300 रुपये का फायदा हुआ. वहीं 14 लॉट पाने वाले HNI निवेशकों को करीब 1.31 लाख रुपये का मुनाफा मिला.

आईपीओ Image Credit: Freepik

Behari Lal Engineering IPO Listing: शेयर बाजार में बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) के निवेशकों की जोरदार एंट्री हुई. कंपनी का शेयर बुधवार को बाजार में 63.16 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ. कंपनी के IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छा फायदा मिलता दिख रहा है. एक लॉट पाने वाले रिटेल निवेशकों को करीब 9300 रुपये का मुनाफा हुआ है. जबकि 14 लॉट पाने वाले HNI निवेशकों को करीब 1.31 लाख का फायदा हुआ. पंजाब की इस इंटीग्रेटेड मेटल प्रोडक्ट्स कंपनी के शेयर NSE पर 465 रुपये पर लिस्ट हुए.

खास बात ये भी है कि लिस्टिंग के बाद भी शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली है. NSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग का शेयर 517.80 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है. यह इश्यू प्राइस 285 रुपये के मुकाबले 232.80 यानी 81.68% ज्यादा है. यानी लिस्टिंग के बाद भी शेयर में खरीदारी बनी रही और निवेशकों का मुनाफा और बढ़ गया.

रिटेल निवेशकों को करीब ₹9,300 का फायदा

IPO में रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 52 शेयर थे. इसके लिए निवेशकों को 14820 रुपये लगाने पड़े थे. शेयर के 465 रुपये पर लिस्ट होने के हिसाब से एक लॉट पाने वाले रिटेल निवेशक को करीब 9300 रुपये का फायदा हुआ.

वहीं HNI निवेशकों के लिए 14 लॉट में कुल 728 शेयर थे. इस पर उनका निवेश करीब 2.07 लाख रुपये था. लिस्टिंग के भाव के हिसाब से उन्हें करीब 1.31 लाख रुपये का मुनाफा हुआ.

अनुमान से भी बेहतर रही लिस्टिंग

लिस्टिंग से पहले बेहारी लाल इंजीनियरिंग का GMP 130 से 135 रुपये के बीच चल रहा था. इससे शेयर के 45% से 47% प्रीमियम पर लिस्ट होने का संकेत मिल रहा था. हालांकि, शेयर की वास्तविक लिस्टिंग उम्मीद से भी बेहतर रही और NSE पर यह 63.16% प्रीमियम के साथ खुला. जब IPO के लिए बोली बंद हुई थी, तब कंपनी का GMP करीब 100 रुपये प्रति शेयर था.

108 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO

बिहारी लाल इंजीनियरिंग का IPO निवेशकों के लिए 12 अगस्त से 14 अगस्त तक खुला था. कंपनी ने IPO के लिए 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था. एक लॉट में 52 शेयर थे. कंपनी का लक्ष्य IPO के जरिए कुल 302 करोड़ रुपये जुटाने का था. इसमें 93 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए, जबकि 73.20 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री के जरिए करीब 209 करोड़ रुपये जुटाए गए.

इस IPO को कुल 108.44 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. इसके लिए करीब 33.67 लाख आवेदन आए और ₹22,900 करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं.

बड़े निवेशकों ने दिखाया जोरदार भरोसा

IPO में QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 165.33 गुना सब्सक्राइब हुआ. वहीं NII यानी HNI निवेशकों का हिस्सा 165.32 गुना भरा. रिटेल निवेशकों का कोटा भी 53.27 गुना सब्सक्राइब हुआ. यानी कंपनी के IPO को हर वर्ग के निवेशकों से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था.

क्या करती है बिहारी लाल इंजीनियरिंग?

साल 1995 में बनी पंजाब की बेहारी लाल इंजीनियरिंग एक इंटीग्रेटेड आयरन और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. कंपनी कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस देने में काम करती है. यह महत्वपूर्ण औद्योगिक इस्तेमाल के लिए प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स बनाती है. कंपनी के प्रोडक्ट्स में मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स, फोर्जिंग इंगॉट्स और शाफ्ट्स शामिल हैं.

इस IPO के लिए Emkay Global Financial Services और Systematix Corporate Services बुक रनिंग लीड मैनेजर थे, जबकि MUFG Intime India ने रजिस्ट्रार की भूमिका निभाई.

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