Indo-MIM IPO की जबरदस्त डिमांड! अलॉटमेंट से पहले बढ़ा GMP, जानें कितना हो सकता है मुनाफा

Indo-MIM IPO को तीसरे दिन जबरदस्त निवेशकों का समर्थन मिला और इश्यू 67.79 गुना सब्सक्राइब हुआ. ग्रे मार्केट में GMP ₹190 पहुंच गया है. कई ब्रोकरेज हाउस ने मजबूत कारोबारी संभावनाओं को देखते हुए इस IPO में निवेश की सलाह दी है.

Indo-MIM का आईपीओ Image Credit:

भारतीय शेयर बाजार में इस समय IPO को लेकर निवेशकों का उत्साह लगातार बना हुआ है. इसी बीच Indo-MIM Ltd का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) भी निवेशकों के बीच जबरदस्त चर्चा में है. 23 जुलाई से खुला यह IPO 27 जुलाई को बंद हो गया और अंतिम दिन इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली. तीसरे दिन शाम तक यह इश्यू कुल 72 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. खास बात यह रही कि संस्थागत निवेशकों (QIB) ने इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई. वहीं, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों का प्रीमियम बढ़कर ₹198 तक पहुंच गया, जिससे इसकी संभावित मजबूत लिस्टिंग की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

₹3,811 करोड़ जुटाने की तैयारी

Indo-MIM ने इस IPO के जरिए ₹3,811 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है. कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड ₹461 से ₹485 प्रति शेयर तय किया था. यह बुक-बिल्डिंग इश्यू है, जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं. कंपनी के शेयर BSE और NSE पर सूचीबद्ध होंगे. IPO के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी.

तीसरे दिन 67.79 गुना सब्सक्रिप्शन

IPO को सभी निवेशक श्रेणियों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली. तीसरे दिन दोपहर 3:30 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे इश्यू को 67.79 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.

  • रिटेल निवेशक (Retail): 6.18 गुना
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 50.07 गुना
  • योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): 188.25 गुना

QIB श्रेणी में इतनी बड़ी मांग यह संकेत देती है कि बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों को कंपनी के भविष्य पर भरोसा है.

GMP में आया बड़ा उछाल

IPO के साथ-साथ ग्रे मार्केट में भी Indo-MIM के शेयरों की मांग लगातार बढ़ रही है. बाजार के जानकारों के मुताबिक, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹190 पर पहुंच गया है. अगर यह GMP लिस्टिंग तक बना रहता है, तो कंपनी के शेयर ₹485 के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग ₹675 के आसपास सूचीबद्ध हो सकते हैं. हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि GMP कोई आधिकारिक संकेतक नहीं होता और इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है.

कंपनी क्यों है खास?

Indo-MIM दुनिया की प्रमुख Metal Injection Moulding (MIM) कंपनियों में शामिल है. MIM ऐसी अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके जरिए बेहद छोटे और जटिल धातु के पुर्जों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है. इन उत्पादों का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और उपभोक्ता उत्पादों सहित कई उद्योगों में होता है. इस उद्योग में तकनीकी विशेषज्ञता, भारी निवेश और उच्च गुणवत्ता की जरूरत होती है. यही वजह है कि इस सेक्टर में नई कंपनियों के लिए प्रवेश करना आसान नहीं है.

ब्रोकरेज फर्मों ने क्यों दी ‘Apply’ की सलाह?

KC Securities का कहना है कि ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की अनुमानित आय के आधार पर करीब 45 गुना P/E है. पहली नजर में यह वैल्यूएशन थोड़ा महंगा लग सकता है, लेकिन कंपनी की वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति, तकनीकी बढ़त और भविष्य की विकास संभावनाओं को देखते हुए यह उचित माना जा सकता है.

ब्रोकरेज का कहना है कि दुनिया में MIM सेक्टर का बाजार 2026 में करीब 3.2 अरब डॉलर का है, जो 2035 तक बढ़कर 4.7 अरब डॉलर होने की संभावना है. ऐसे में इस उद्योग में लंबी अवधि तक अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है.

KC Securities का यह भी मानना है कि China+1 रणनीति, भारत सरकार की PLI योजना, बढ़ते विदेशी निवेश और तेजी से विकसित हो रहे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का फायदा Indo-MIM जैसी कंपनियों को मिलेगा. इसी वजह से ब्रोकरेज ने निवेशकों को मध्यम और लंबी अवधि के नजरिए से इस IPO में निवेश करने की सलाह दी है.

अन्य ब्रोकरेज भी दिखे सकारात्मक

केवल KC Securities ही नहीं, बल्कि Anand Rathi, Beacon Capital Advisors और Swastika Investmart ने भी इस IPO को ‘Apply’ रेटिंग दी है. इन ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि कंपनी की मजबूत वैश्विक मौजूदगी, विविध ग्राहक आधार, निर्यात कारोबार और एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता इसे भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगी.

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

IPO बंद होने के बाद अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर है. कंपनी के शेयरों का संभावित अलॉटमेंट 28 जुलाई 2026 को हो सकता है. वहीं, 30 जुलाई 2026 को BSE और NSE पर इसकी संभावित लिस्टिंग होने की उम्मीद है. इस इश्यू के रजिस्ट्रार MUFG Intime India Private Ltd हैं, जबकि HDFC Bank, Axis Capital, ICICI Securities, Kotak Mahindra Capital और SBI Capital Markets इसके बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

IPO को मिला रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन, QIB निवेशकों की मजबूत भागीदारी और ग्रे मार्केट में बढ़ता प्रीमियम इस बात का संकेत देता है कि बाजार में Indo-MIM को लेकर भरोसा मजबूत है. हालांकि, किसी भी IPO में निवेश करने से पहले केवल GMP या सब्सक्रिप्शन के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए. निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन, जोखिम और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए. मध्यम और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO बाजार विशेषज्ञों की नजर में एक आकर्षक अवसर माना जा रहा है.

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डिस्क्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.