NSE IPO: अंतिम दिन करीब 5.57 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, QIB ने लगाई सबसे ज्यादा बोली; ये रही पूरी डिटेल

NSE का 22569 करोड़ रुपये का IPO अंतिम दिन अब तक 5.57 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.23 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं.

IPO अंतिम दिन अब तक 5.57 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. Image Credit:

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का 22569 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के बीच चर्चा में है. सोमवार को बोली के अंतिम दिन 4 बजकर 45 मिनट तक यह IPO 5.57 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.23 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं. NSE का IPO देश का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है. इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27870 करोड़ रुपये का IPO आया था.

किस कैटेगरी में कितनी बोलियां मिली

NSE IPO को अलग-अलग निवेशक कैटेगरी से अच्छी रिस्पांस मिली है. योग्य संस्थागत निवेशकों यानी QIB के लिए रिजर्व हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ है. गैर संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 6.54 गुना भरा है. वहीं रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया हिस्सा 1.32 गुना सब्सक्राइब हुआ है. इससे पता चलता है कि IPO में संस्थागत और बड़े निवेशकों की भागीदारी ज्यादा रही है.

IPO का प्राइस बैंड कितना है

NSE ने IPO के लिए 1700 रुपये से 1785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. अपर प्राइस बैंड पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इस IPO में फ्रेश शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं. पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS है. इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाली रकम NSE के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी.

12.64 करोड़ शेयरों की होगी बिक्री

NSE के IPO में मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेंगे. पहले OFS का आकार 14.9 करोड़ शेयर तक रखा गया था. बाद में शेयरों की संख्या कम कर दी गई. इसी वजह से IPO का टोटल साइज भी पहले के करीब 30000 करोड़ रुपये के अनुमान से घटकर 22569 करोड़ रुपये रह गया है. IPO का पूरा हिस्सा मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़ा है.

एंकर निवेशकों से जुटाए 6746 करोड़ रुपये

IPO खुलने से पहले NSE ने एंकर निवेशकों से 6746 करोड़ रुपये जुटाए थे. इस राउंड में भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी, गोल्डमैन सैक्स और फिडेलिटी जैसे बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा सिंगापुर का जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और नॉर्वेजियन बैंक जैसे सॉवरेन वेल्थ फंड भी शामिल हुए. ईस्टस्प्रिंग और एचएसबीसी ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट ने भी एंकर राउंड में भाग लिया.]

ये भी पढ़ें- Moneyview IPO: 24 सितंबर से खुलेगा 1092 करोड़ का IPO, 32 से 34 रुपये तय हुआ प्राइस बैंड

24 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

NSE के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है. NSE की लिस्टिंग की प्लानिंग करीब एक दशक से अलग- अलग रेगुलेटरी कारणों से आगे नहीं बढ़ पाई थी. इनमें को लोकेशन विवाद से जुड़े नियामकीय मामले भी शामिल थे. मौजूदा IPO को NSE की लिस्टिंग प्रक्रिया में एक अहम कदम माना जा रहा है.

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.