Petrol और EV के बीच आ गया नया विकल्प! Flex-Fuel Cars बदलेंगी गाड़ी चलाने का तरीका?
भारत सरकार देश में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFVs) को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है. हाल ही में, पेट्रोलियम मंत्रालय ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं से FFVs के लिए एक विस्तृत रोडमैप मांगा है, जिसमें वाहनों की संख्या, श्रेणियाँ और लॉन्च की समय-सीमा शामिल है. ये गाड़ियाँ पेट्रोल के साथ-साथ उच्च एथेनॉल मिश्रण (जैसे E85) पर भी चल सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को ईंधन का एक नया विकल्प मिलेगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करना और घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना है.
हालाँकि, FFVs की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई है, जिसके चलते सरकार निर्माताओं से उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने का आग्रह कर रही है. पूरा इकोसिस्टम तैयार करना आवश्यक है, जिसमें वाहन निर्माण, पर्याप्त एथेनॉल आपूर्ति और तेल कंपनियों द्वारा ईंधन की उपलब्धता शामिल है. सरकार की नीतियों और प्रोत्साहनों, जैसे रोड टैक्स में छूट, की भी आवश्यकता होगी. भविष्य में, भारतीय वाहन बाजार में पेट्रोल, ईवी, हाइब्रिड और एथेनॉल आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है.