US टैरिफ के बीच भारत के लिए आई बड़ी खबर, भारत-कनाडा ट्रेड डील ने पकड़ी रफ्तार; अगले 90 दिन में दिखेगा असर

भारत और कनाडा के बीच CEPA ट्रेड डील पर बातचीत तेज हो गई है. चौथे दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों ने पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू करने का फैसला किया है. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अगले 90 दिनों को भारत-कनाडा संबंधों के लिए अहम बताया है. दोनों देशों का लक्ष्य 2026 के आखिरी तक बातचीत पूरी करना है.

भारत और कनाडा के बीच व्यापार. Image Credit: primeimages/E+/Getty Images

Highlights

  • 5 अक्टूबर से भारत-कनाडा CEPA बातचीत का पांचवां दौर शुरू होगा.
  • पीयूष गोयल ने अगले 90 दिनों को दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम बताया है.
  • दोनों देशों का लक्ष्य 2026 के आखिरी तक CEPA बातचीत पूरी करना है.

India Canada CEPA: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील को लेकर अब बातचीत तेज होती दिख रही है. दोनों देशों ने प्रस्तावित कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) पर बातचीत को तेज करने का फैसला किया है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि बातचीत का पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा. उन्होंने कहा कि अगले 90 दिन भारत-कनाडा संबंधों के लिए बेहद अहम हो सकते हैं.

चौथे दौर की बातचीत के बाद तेजी का फैसला

पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के बीच 18 सितंबर को मुंबई में CEPA को लेकर चौथे दौर की बातचीत हुई. गोयल ने इन चर्चाओं को काफी सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों देशों ने बातचीत की रफ्तार बढ़ाने पर सहमति जताई है.

गोयल के मुताबिक, इसी वजह से भारतीय टीम अब बातचीत के पांचवें दौर के लिए आगे बढ़ेगी, जो 5 अक्टूबर से शुरू होगा. उन्होंने कहा कि बातचीत में जैसे-जैसे प्रगति हो रही है, दोनों देशों के बीच बातचीत की रफ्तार भी बढ़ रही है.

अगले 90 दिन क्यों हैं खास?

पीयूष गोयल ने भारत-कनाडा संबंधों को लेकर कहा कि अगले 90 दिन काफी अहम हो सकते हैं. दोनों देश CEPA पर बातचीत को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं और मौजूदा लक्ष्य 2026 के आखिरी तक समझौते को पूरा करना है. इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में कारोबार को बढ़ावा देना है. इससे दोनों देशों के कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच से जुड़े नियमों में बदलाव की गुंजाइश बन सकती है, हालांकि अंतिम असर समझौते की शर्तें तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

एक दशक से चल रही है ट्रेड डील की कोशिश

भारत और कनाडा के बीच व्यापक ट्रेड समझौते को लेकर बातचीत एक दशक से ज्यादा समय से चल रही है. औपचारिक बातचीत मार्च 2022 में फिर शुरू हुई थी. इसके साथ दोनों देश अंतरिम व्यवस्था के तौर पर अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट पर भी काम कर रहे थे. 2022 से 2023 के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत के नौ दौर हुए थे. हालांकि, अगस्त 2023 में दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ने के बाद बातचीत रोक दी गई थी.

2025 में फिर शुरू हुई आर्थिक बातचीत

दोनों देशों के बीच आर्थिक बातचीत 2025 में फिर आगे बढ़ी. इसके बाद CEPA की नई प्रक्रिया शुरू हुई. 2 मार्च 2026 को पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू ने CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए थे. यह समझौता कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान हुआ था. दोनों देशों ने 2026 के अंत तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य रखा है.

भारत-कनाडा के बीच कितना कारोबार?

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय कारोबार करीब 8 अरब डॉलर रहा. इस दौरान भारत ने कनाडा को 4.67 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि कनाडा से भारत का आयात 3.28 अरब डॉलर रहा. भारत के प्रमुख निर्यात में फार्मास्यूटिकल्स, लोहा और स्टील, समुद्री उत्पाद, सूती कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं. वहीं कनाडा से भारत मुख्य रूप से दालें, मोती और अर्ध-कीमती पत्थर, कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चा तेल आयात करता है.

सेवाओं के कारोबार में भी बड़ा मौका

भारत से कनाडा को होने वाले सेवा निर्यात में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाओं के साथ अन्य कारोबारी सेवाओं की भी बड़ी भूमिका है. CEPA में वस्तुओं के साथ सेवाओं और निवेश से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं. दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और कारोबार का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है. मई 2026 में दोनों देशों ने CEPA को आगे बढ़ाने और बाजार पहुंच तथा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी.

अब 5 अक्टूबर पर नजर

चौथे दौर की बातचीत पूरी होने के बाद अब अगला बड़ा पड़ाव 5 अक्टूबर है. इसी दिन CEPA बातचीत का पांचवां दौर शुरू होगा. दोनों देशों की कोशिश बातचीत की रफ्तार बढ़ाकर साल 2026 के अंत तक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने की है.

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