SBI के 80 पैसे का दांव, NSE IPO में कैसे बनेगा ₹2850 करोड़ रुपये का जैकपॉट? मिल सकता है 223025% का रिटर्न

IPO के बाद NSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.4 लाख करोड़ रुपये होगा. मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए IPO लंबे समय से रखे गए निवेश से वैल्यू हासिल करने का एक बड़ा मौका है. इस IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर है.

एनएसई आईपीओ. Image Credit: Canva

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में किए गए अपने छोटे से निवेश को भारत के IPO मार्केट में सबसे अधिक मुनाफा देने वाले सौदों में बदल सकता है. बैंक ने सिर्फ 80 पैसे प्रति शेयर की औसत लागत (Weighted-Average Cost) पर खरीदे गए शेयरों को 1,785 रुपये तक की कीमत पर बेचने की पेशकश की है.

कितना शेयर बेच रहा SBI?

SBI इस IPO में NSE के 15,969,410 शेयर बेच रहा है. प्राइस बैंड की अपर लिमिट पर, इस बिक्री से बैंक को लगभग 2,850 करोड़ रुपये मिल सकते हैं, जिससे 2,23,025% का जबरदस्त रिटर्न मिल सकता है.

इस IPO का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर है और इसका ऑफर साइज 22,562 करोड़ रुपये है. यह इश्यू पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ है, जिसका मतलब है कि इससे मिलने वाली रकम NSE के बजाय शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगी.

SBI के पास कितनी हिस्सेदारी?

ईटी के अनुसार, IPO से पहले SBI के पास NSE के 79,847,050 शेयर थे, जो उसकी 3.23 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर थे. अगर वह तय की गई मैक्सिमम संख्या में शेयर बेचती है, तो वह अपनी होल्डिंग का लगभग पांचवां हिस्सा बेच देगी और उसके पास लगभग 63.88 मिलियन शेयर बचेंगे.

IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर इनकी कीमत 11,400 करोड़ रुपये होगी. SBI ने शुरू में 1993 और 1999 के बीच औसतन सिर्फ 80 पैसे प्रति शेयर की लागत से खरीदा था. यानी शुरुआती निवेश 1.98 करोड़ रुपये (लगभग ₹2 करोड़) का था.

दूसरे शेयरहोल्डर्स को भी मिलेगा तगड़ा मुनाफा

हालांकि, कुछ दूसरे शेयरहोल्डर्स की लागत और भी कम है और उन्हें बहुत अधिक प्रतिशत रिटर्न मिल सकता है. न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी 0.32 रुपये प्रति शेयर की वेटेड-एवरेज खरीद लागत पर 10.5 मिलियन तक शेयर बेच रही है. 1,785 रुपये की कीमत पर, इस बिक्री से लगभग 1,874 करोड़ रुपये मिल सकते हैं, जो 5,57,713% का ग्रॉस रिटर्न है.

वेटेड-एवरेज खरीद लागत

SBI कैपिटल मार्केट्स 8,780,590 तक शेयर बेच रही है. इसकी वेटेड-एवरेज खरीद लागत 0.38 रुपये प्रति शेयर है. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर इस बिक्री से लगभग 1,567 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. यह 4,69,637% का ग्रॉस रिटर्न है.

स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया 6,187,500 तक शेयर बेच रही है, जिन्हें 0.46 रुपये प्रति शेयर की वेटेड-एवरेज लागत पर खरीदा गया था. 1,785 रुपये की कीमत पर इस बिक्री से लगभग 1,104 करोड़ मिल सकते हैं, जो 3,87,943% का ग्रॉस रिटर्न है.

जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को लगभग 1,104 करोड़ रुपये मिल सकते हैं, जो 33,835% का रिटर्न है.

NSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन

IPO के बाद NSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 4.4 लाख करोड़ रुपये होगा. मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए IPO लंबे समय से रखे गए निवेश से वैल्यू हासिल करने का एक बड़ा मौका है.

मिलने वाली रकम और रिटर्न के ये अनुमान ग्रॉस हैं और ये बेचे जाने वाले शेयरों की ज्यादा से ज्यादा संख्या और IPO की ऊपरी कीमत 1,785 रुपये पर आधारित हैं. असल में मिलने वाली रकम बेचे गए शेयरों की संख्या, लागू टैक्स और ऑफर से जुड़े खर्चों पर निर्भर करेगी.

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