सितंबर में 16 IPO में से ज्यादातर ने दिया लिस्टिंग गेन, अब NSE की बारी; जानें किसने दिया दमदार रिटर्न
सितंबर 2026 में लिस्ट हुए 16 IPO में से ज्यादातर ने निवेशकों को पॉजिटिव लिस्टिंग गेन दिया है. ESDS Software Solution समेत कई IPO ने इश्यू प्राइस के मुकाबले मजबूत रिटर्न दिया. वहीं, कुछ IPO कमजोर लिस्टिंग के बाद रिकवरी करने में भी सफल रहे. अब निवेशकों की नजर NSE IPO की लिस्टिंग पर है.

IPO September 2026: सितंबर 2026 में IPO मार्केट ने निवेशकों को अब तक अच्छा रिस्पॉन्स दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने लिस्ट हुए 16 IPO में से ज्यादातर ने निवेशकों को लिस्टिंग के दिन पॉजिटिव रिटर्न दिया है. हालांकि, कुछ IPO ऐसे भी रहे, जो अपने इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुए. अब मार्केट की नजर NSE IPO की लिस्टिंग पर है, जहां मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद GMP में गिरावट देखने को मिली है.
16 में से ज्यादातर IPO की पॉजिटिव लिस्टिंग
ETMarkets के मुताबिक, सितंबर में अब तक 16 IPO लिस्ट हो चुके हैं. इनमें 5 IPO इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुए, जबकि 1 IPO की लिस्टिंग फ्लैट रही. बाकी IPO ने पॉजिटिव लिस्टिंग गेन दिया. लिस्टिंग के बाद की स्थिति देखें तो तस्वीर और बेहतर नजर आती है. फिलहाल केवल 5 IPO ऐसे हैं, जो अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले फ्लैट से निगेटिव जोन में हैं. बाकी ज्यादातर IPO अपने इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं.
ESDS Software Solution सबसे आगे
सितंबर में लिस्ट हुए IPO में ESDS Software Solution का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा. कंपनी का शेयर 429 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 746 रुपये पर लिस्ट हुआ था. यानी लिस्टिंग के दिन करीब 74% का गेन मिला. इसके बाद शेयर में और तेजी देखने को मिली और यह करीब 1,703 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इस तरह इश्यू प्राइस के मुकाबले इसमें करीब 297% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
इसके अलावा Glass Wall Systems का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 70% ऊपर, Karamtara Engineering 44% ऊपर, Steamhouse India 39% ऊपर, Kanohar Electricals 38% ऊपर, Lumino Industries 32% ऊपर और Rentomojo 30% ऊपर कारोबार कर रहे थे.
कमजोर लिस्टिंग का मतलब हमेशा कमजोर रिटर्न नहीं
सितंबर के IPO डेटा से यह भी पता चलता है कि कमजोर लिस्टिंग के बाद भी शेयर में रिकवरी संभव रही है. Prasol Chemicals का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 10% नीचे लिस्ट हुआ था, लेकिन बाद में यह अपने IPO प्राइस से करीब 4% ऊपर कारोबार कर रहा था.
इसी तरह Symbiotec Pharmalab की लिस्टिंग थोड़ी कमजोर रही, लेकिन बाद में शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 13% ऊपर पहुंच गया. वहीं, कुछ IPO में लिस्टिंग गेन टिक नहीं पाया. Pranav Constructions करीब 31% के लिस्टिंग गेन के साथ खुला था, लेकिन बाद में इश्यू प्राइस से करीब 17% नीचे कारोबार कर रहा था.
अब NSE IPO की लिस्टिंग पर नजर
सितंबर के IPO प्रदर्शन के बीच अब NSE IPO की लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर है. हालांकि, NSE IPO की तुलना सितंबर में लिस्ट हुए दूसरे IPO से सीधे करना आसान नहीं है, क्योंकि NSE का इश्यू साइज काफी बड़ा है. NSE का IPO करीब 22,561 करोड़ रुपये से ज्यादा का है. इतने बड़े IPO में मजबूत लिस्टिंग के लिए गहरी इंस्टीट्यूशनल डिमांड की जरूरत होती है. साथ ही, बड़े इश्यू में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध शेयरों की संख्या भी ज्यादा होती है, जिससे लिस्टिंग के समय सप्लाई का दबाव बढ़ सकता है.
NSE IPO को मिला मजबूत सब्सक्रिप्शन
NSE IPO को निवेशकों की ओर से मजबूत रिस्पॉन्स मिला था. इश्यू अंतिम दिन 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ. इसमें QIB कैटेगरी को 12.68 गुना और NII कैटेगरी को 6.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. वहीं, रिटेल कैटेगरी 1.39 गुना सब्सक्राइब हुई. NSE IPO पूरी तरह OFS था और इसमें करीब 12.64 करोड़ शेयर ऑफर किए गए. इसका मतलब है कि IPO से NSE को कोई फ्रेश फंड नहीं मिलेगा.
GMP गिरकर करीब 2% पर पहुंचा
NSE IPO की लिस्टिंग से पहले सबसे ज्यादा चर्चा GMP को लेकर है. InvestorGain के मुताबिक, NSE का GMP गिरकर करीब 2.41% रह गया है. यह उस स्तर से काफी कम है, जो प्राइस बैंड की घोषणा के समय देखने को मिला था. NSE IPO का अपर प्राइस बैंड 1,785 रुपये था. करीब 2% GMP के हिसाब से ग्रे मार्केट में लिस्टिंग को लेकर केवल सीमित प्रीमियम का संकेत मिल रहा है.
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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.