इस म्यूचुअल फंड ने मचाया धमाल! एक साल में दिया 65% रिटर्न, ताइवान- चीन जैसे बाजारों लगाता है पैसा

यह एक फंड ऑफ फंड्स (FoF) है. यानी यह सीधे शेयरों में निवेश नहीं करता, बल्कि मुख्य रूप से JPMorgan Funds – Emerging Markets Opportunities Fund में पैसा लगाता है. यह अंडरलाइंग फंड भारत, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों की कंपनियों में निवेश करता है.

म्यूचुअल फंड्स Image Credit: @Canva/Money9live

पिछले कुछ दिनों में बाजार में खूब उतार-चढाव देखने को मिला है. ऐसे बाजार में कुछ फंड्स लगातार निवेशकों के रडार पर हैं. हाल के समय में इंटरनेशनल और इमर्जिंग मार्केट्स में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया है. इन्हीं में Edelweiss Emerging Markets Opportunities Equity Offshore Fund भी शामिल है, जिसने पिछले एक साल में 65.31 प्रतिशत का रिटर्न देकर निवेशकों का ध्यान खींचा है.

क्या है Edelweiss Emerging Markets Opportunities Equity Offshore Fund?

यह एक फंड ऑफ फंड्स (FoF) है. यानी यह सीधे शेयरों में निवेश नहीं करता, बल्कि मुख्य रूप से JPMorgan Funds – Emerging Markets Opportunities Fund में पैसा लगाता है. यह अंडरलाइंग फंड भारत, चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों की कंपनियों में निवेश करता है. इससे निवेशकों को एक ही फंड के जरिए कई देशों के शेयर बाजारों में निवेश का मौका मिलता है. हालांकि, FoF होने की वजह से इस फंड पर अतिरिक्त खर्च (फीस) का असर भी पड़ता है और इसका प्रदर्शन काफी हद तक अंडरलाइंग फंड पर निर्भर करता है.

फंड के बारे में

  • NAV: 31.51 रुपये
  • AUM: 250.45 करोड़ रुपये
  • एक्सपेंस रेशियो: 0.56 प्रतिशत
  • एग्जिट लोड: 90 दिन के भीतर निकासी पर 1 प्रतिशत
  • न्यूनतम SIP: 100 रुपये
  • बेंचमार्क: MSCI Emerging Markets Index

प्रदर्शन कैसा रहा?

पिछले एक साल में इस फंड ने 65.31 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.

  • 1 वर्ष का रिटर्न: 65.31 प्रतिशत
  • 3 वर्ष का CAGR: 27.8 प्रतिशत
  • 3 वर्ष का कुल रिटर्न: 118.8 प्रतिशत

वहीं इंटरनेशनल इक्विटी कैटेगरी का एक साल का एवरेज रिटर्न करीब 29.5 प्रतिशत रहा. यानी इस फंड ने कैटेगरी के एवरेज से लगभग 35.81 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन किया.

निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें

  • इस फंड में निवेश करने से पहले कुछ जोखिमों को ध्यान में रखना जरूरी है.
  • विदेशी निवेश पर रुपये और डॉलर समेत अन्य करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है.
  • चीन, भारत, ताइवान और ब्राजील जैसे कुछ बड़े बाजारों पर ज्यादा निर्भरता होने से क्षेत्रीय घटनाओं का प्रभाव पड़ सकता है.
  • FoF स्ट्रक्चर होने की वजह से अतिरिक्त लागत जुड़ी रहती है.
  • यह बहुत अधिक जोखिम (Very High Risk) वाली श्रेणी का फंड है.

इसे भी पढ़ें- डीमर्जर बना वरदान! 16 दिन में 94% चढ़ा स्टॉक, एक्सचेंज के सवाल पर कंपनी ने दी सफाई, जानें पूरा मामला?

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.