SIP का ये फॉर्मूला बना सकता है बड़ा कॉर्पस, समझिए SIP का 15×15×30 नियम
हर महीने ₹15,000 की SIP और लंबी निवेश अवधि से बड़ा कॉर्पस बनाया जा सकता है. 15×15×30 नियम 15% अनुमानित रिटर्न, ₹15,000 मासिक निवेश और 30 साल की अवधि पर आधारित है. कंपाउंडिंग लंबे समय में रकम बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है.

अगर आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करके लंबे समय में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो SIP आपके लिए एक आसान तरीका हो सकता है. म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए नियमित निवेश किया जाता है और समय के साथ कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है. इसी सोच पर आधारित है 15×15×30 का नियम, जो लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का एक आसान फॉर्मूला बताता है.
क्या है 15×15×30 का नियम?
इस फॉर्मूले में तीन 15 और 30 का इस्तेमाल होता है. इसका मतलब है कि हर महीने ₹15,000 की SIP, करीब 15% सालाना रिटर्न की अनुमानित दर और 30 साल की अवधि. इसका मकसद निवेशक को यह समझाना है कि नियमित निवेश और लंबी अवधि मिलकर कंपाउंडिंग के जरिए रकम को काफी बढ़ा सकते हैं. ध्यान रखें कि 15% रिटर्न कोई गारंटी नहीं है. म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है.
₹15,000 की SIP से कितना पैसा जमा होगा?
अगर कोई निवेशक हर महीने ₹15,000 निवेश करता है, तो एक साल में उसका निवेश ₹1.80 लाख होगा. 30 साल तक लगातार निवेश करने पर कुल निवेश ₹54 लाख हो जाएगा. 15% सालाना रिटर्न की अनुमानित दर पर मासिक कंपाउंडिंग के आधार पर यह रकम करीब ₹8.35 करोड़ तक पहुंच सकती है. यानी लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर कंपाउंडिंग का असर शुरुआती निवेश की तुलना में काफी बड़ा हो सकता है. हालांकि, यह सिर्फ एक अनुमान है. बाजार आधारित निवेश में रिटर्न हर साल एक जैसा नहीं रहता. इसलिए इसे निश्चित रकम या गारंटीड रिटर्न नहीं माना जाना चाहिए.
कंपाउंडिंग कैसे बढ़ाती है पैसा?
कंपाउंडिंग का मतलब है कि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे निवेश का हिस्सा बनकर दोबारा रिटर्न कमाता है. शुरुआत में इसका असर छोटा दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, रिटर्न पर मिलने वाला रिटर्न रकम को तेजी से बढ़ा सकता है. यही वजह है कि SIP में समय को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. निवेश जितने लंबे समय तक जारी रहता है, कंपाउंडिंग को उतना ज्यादा समय मिलता है.
15 साल में क्या होगा?
मूल रिपोर्ट में ₹15,000 मासिक निवेश का 15 साल का उदाहरण भी दिया गया है. इस अवधि में कुल निवेश ₹27 लाख होगा. 15% सालाना रिटर्न मानने पर अनुमानित लाभ करीब ₹74.53 लाख और कुल रकम करीब ₹1.02 करोड़ बताई गई है. यह उदाहरण दिखाता है कि लंबे समय तक SIP जारी रखने से छोटी मासिक रकम भी बड़ा कॉर्पस बनाने में मदद कर सकती है.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
SIP शुरू करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को समझना जरूरी है. सिर्फ 15% रिटर्न की उम्मीद के आधार पर कोई निवेश फैसला नहीं लेना चाहिए. नियमित निवेश, धैर्य और सही एसेट एलोकेशन लंबे समय में ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. इसलिए 15×15×30 नियम को एक वेल्थ क्रिएशन का अनुमान लगाने वाले आसान फॉर्मूले के तौर पर देखें, न कि रिटर्न की गारंटी के रूप में.
हर महीने ₹15,000 की SIP और लंबी निवेश अवधि से बड़ा कॉर्पस बनाया जा सकता है. 15×15×30 नियम 15% अनुमानित रिटर्न, ₹15,000 मासिक निवेश और 30 साल की अवधि पर आधारित है. कंपाउंडिंग लंबे समय में रकम बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है.
यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: मिनिमम पेंशन से DR रिलीफ तक, ये हैं पेंशनर्स की 12 बड़ी मांगें!