40 की उम्र में 3 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट कॉर्पस, क्या नौकरी छोड़ना सुरक्षित है?
40 की उम्र में 3 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा जरूर है, लेकिन नौकरी छोड़ने के लिए पर्याप्त होना खर्च, महंगाई और निवेश रिटर्न पर निर्भर करता है. विशेषज्ञ शुरुआती रिटायरमेंट में 3-3.5% निकासी दर रखने की सलाह देते हैं.

अगर किसी व्यक्ति के पास 40 साल की उम्र में 3 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट कॉर्पस जमा हो जाए, तो नौकरी छोड़ने का ख्याल आना स्वाभाविक है. लेकिन इतनी कम उम्र में रिटायरमेंट लेना आसान नहीं है. 40 साल की उम्र में रिटायर होने वाले व्यक्ति को अपनी बचत से अगले 40-50 साल या उससे ज्यादा समय तक खर्च चलाना पड़ सकता है. इसलिए सिर्फ 3 करोड़ रुपये का कॉर्पस होना नौकरी छोड़ने की गारंटी नहीं है.
3 करोड़ से कितना खर्च चल सकता है?
एक निवेश रणनीतिकार के मुताबिक, अगर 3 करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो पर औसतन 8% सालाना रिटर्न मिले और महंगाई करीब 6% रहे, तो 50 साल की अवधि में आज की कीमत के हिसाब से करीब 76,500 रुपये महीने का खर्च संभाला जा सकता है. यानी अगर आपका मौजूदा मासिक खर्च इस स्तर के आसपास है, तो 3 करोड़ रुपये शुरुआती रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त हो सकते हैं. लेकिन खर्च 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो यही कॉर्पस लंबे समय तक चलाना मुश्किल हो सकता है.
4% नियम के बजाय कम निकासी बेहतर
रिटायरमेंट प्लानिंग में अक्सर 4% विदड्रॉल रूल की बात होती है. 3 करोड़ रुपये का 4% यानी सालाना 12 लाख रुपये या करीब 1 लाख रुपये महीने. लेकिन 40 साल की उम्र में रिटायरमेंट के लिए यह दर ज्यादा जोखिम वाली हो सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी लंबी रिटायरमेंट अवधि के लिए शुरुआती निकासी दर 3% से 3.5% रखना ज्यादा सावधानी भरा तरीका हो सकता है. 3% पर सालाना 9 लाख यानी 75,000 रुपये और 3.5% पर 10.5 लाख यानी करीब 87,500 रुपये सालाना निकाले जा सकते हैं.
बाजार गिरा तो बढ़ सकता है जोखिम
रिटायरमेंट के बाद निवेश से पैसा निकालते समय बाजार में गिरावट बड़ा जोखिम बन सकती है. अगर शुरुआत के वर्षों में बाजार गिर जाता है और खर्च चलाने के लिए निवेश बेचना पड़ता है, तो भविष्य के लिए बचा कॉर्पस तेजी से कम हो सकता है. इसीलिए 40 की उम्र में रिटायर होने वाले व्यक्ति को केवल औसत रिटर्न देखकर योजना नहीं बनानी चाहिए. बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए पर्याप्त मार्जिन रखना जरूरी है.
महंगाई और मेडिकल खर्च भी ध्यान में रखें
आज 75,000 रुपये महीने का खर्च पर्याप्त लग सकता है, लेकिन आने वाले वर्षों में महंगाई के कारण यही खर्च काफी बढ़ सकता है. इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल और हेल्थकेयर खर्च भी बढ़ने की संभावना रहती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, जल्दी रिटायर होने वाले लोगों को महंगाई, बाजार में कमजोर रिटर्न और स्वास्थ्य खर्च के लिए अतिरिक्त सुरक्षा रखनी चाहिए.
कुछ कमाई जारी रखना हो सकता है बेहतर
40 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने का मतलब यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति पूरी तरह कमाई बंद कर दे. पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांसिंग या कंसल्टिंग से होने वाली अतिरिक्त आय निवेश से निकासी का दबाव कम कर सकती है.
उदाहरण के लिए, अगर सालाना खर्च 12 लाख रुपये है और पार्ट-टाइम काम से 4 लाख रुपये की आय हो जाती है, तो निवेश से सिर्फ 8 लाख रुपये निकालने पड़ेंगे. इससे लंबे समय तक कॉर्पस बचाए रखने में मदद मिल सकती है.
तो क्या 3 करोड़ पर 40 में रिटायरमेंट संभव है?
इसका जवाब हर व्यक्ति के लिए अलग होगा. कम खर्च, नियंत्रित निकासी और अच्छी निवेश रणनीति के साथ 3 करोड़ रुपये 40 की उम्र में रिटायरमेंट के लिए आधार बन सकते हैं. लेकिन ज्यादा खर्च वाले व्यक्ति के लिए यही रकम पर्याप्त नहीं हो सकती. इसलिए नौकरी छोड़ने से पहले मासिक खर्च, महंगाई, निवेश रिटर्न, मेडिकल खर्च, इमरजेंसी फंड और भविष्य की आय को ध्यान में रखकर पूरा FIRE प्लान बनाना जरूरी है.