8th Pay Commission: मिनिमम पेंशन से DR रिलीफ तक, ये हैं पेंशनर्स की 12 बड़ी मांगें!
पेंशन रिविज़न से लेकर मिनिमम पेंशन और डियरनेस रिलीफ (DR), पेंशन कम्यूटेशन और OPS तक अब तक कंसल्टेशन स्टेज के दौरान पेंशनर्स की टॉप 12 मांगें क्या-क्या हैं? हम आज आपको इस बात की जानकारी देंगे.

8वां वेतन आयोग अपने कंसल्टेशन स्टेज में अगले साल रिकमेंडेशन देने से पहले सुझाव इकट्ठा करने के लिए अलग-अलग एम्प्लॉई और पेंशनर रिप्रेजेंटेटिव ग्रुप्स, यूनियन और स्टेकहोल्डर्स के साथ राज्यों का दौरा और मीटिंग कर रहा है. आज हम अब तक कंसल्टेशन स्टेज के दौरान पेंशनर्स द्वारा कमीशन से की गई 12 मांगों के बारे में आपको जानकारी देंगे.
8th Pay Commission से किसे होता है फायदा?
8वां वेतन आयोग अगले साल मई 2027 तक अपनी ऑफिशियल घोषणा कर सकता है, जिससे लगभग 1 करोड़ बेनिफिशियरी पर इसका असर पड़ेगा जिसमें लगभग 50 लाख सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई और लगभग 65 लाख रिटायर्ड सेंट्रल गवर्नमेंट पेंशनर्स शामिल हैं.
पैनल ने पिछले साल ऑफिशियल टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को जारी किया था. एजेंडा में दूसरे मुद्दों के साथ 31 दिसंबर 2025 को या उससे पहले रिटायर हुए पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए पेंशन रिविजन का मामला शामिल था.
8th CPC: पेंशनर्स ने उठाए ये 12 मुद्दे
पेंशन रिविजन: लाइव मिंट के मुताबिक, नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने कमीशन को डिटेल में अपनी मांगें रखी हैं, जिसमें पूरी पेंशन रीस्ट्रक्चरिंग, सुधार और पेमेंट में बराबरी की मांग की गई है.
- मिनिमम पेंशन: दूसरे पेंशनर ग्रुप्स ने भी मिनिमम पेंशन को लास्ट पे ड्रॉन (LPD) या सर्विस के आखिरी 10 महीनों के दौरान लिए गए एवरेज एमोल्यूमेंट का कम से कम 67 फीसदी करने की मांग की है. बाकियों ने 90 साल और उससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए LPD के 100 फीसदी तक प्रोग्रेसिव एज-बेस्ड पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है.पेंशन कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग.
- डियरनेस रिलीफ (DR) स्ट्रक्चर का रिव्यू और पेंशन बेनिफिट्स में इसका इंटीग्रेशन.
- फैमिली पेंशन बेनिफिट्स का दायरा बढ़ाने की मांग.
- ग्रेच्युटी की लिमिट बढ़ाना और पेंशन कम्यूटेशन नियमों में बदलाव करने की मांग.
- रिटायर्ड लोगों की पसंद और जरूरतों के आधार पर अलग-अलग पेंशन सिस्टम, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से चुनने का ऑप्शन.
- कई सेंट्रल गवर्नमेंट पेंशनर्स और एम्प्लॉई ऑर्गनाइजेशन और एसोसिएशन कम्यूटेड पेंशन को रिस्टोर करने के लिए 15 साल के टाइम को घटाकर 10 से 12 साल करने की मांग कर रहे हैं, उनका तर्क है कि मौजूदा नियम कई दशक पुराने फाइनेंशियल और एक्चुरियल अंदाजों पर आधारित है.
- NC-JCM, AIDEF, फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइज़ेशन्स (FNPO) और भारत पेंशनर्स समाज एंड ऑल पेंशनर्स एसोसिएशन (BPSAPA) ने 11 साल का रिस्टोरेशन टाइम मांगा है. इसके अलावा, इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइज़र्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 12 साल का प्रस्ताव दिया है, जबकि ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज़ फ़ेडरेशन (AINPSEF) ने 10 साल की मांग की है.
- संगठनों ने कमीशन से सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (कम्यूटेशन ऑफ पेंशन) रूल्स, 1981 के रूल 10A का रिव्यू करने और अपडेटेड एक्चुरियल, डेमोग्राफिक और फ़ाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल करके कम्यूटेशन टेबल में बदलाव करने की मांग की है.
- डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) ने 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के लिए पेंशन में बदलाव की मांग करने वाले रिप्रेजेंटेशन को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया है. पेंशनर्स के बीच चिंता यह है कि ToR में साफ तौर पर यह नहीं लिखा है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए एम्प्लॉइज की पेंशन में बदलाव किया जाना है.
- रिटायर्ड एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) समेत प्रमुख यूनियन पेंशन और फैमिली पेंशन में बदलाव के लिए ToR में बदलाव की मांग कर रही हैं.
कब तक कर सकते हैं फाइनल रिकमेन्डेशन की उम्मीद?
8th CPC पर अभी भी चर्चा चल रही है और इन मामलों पर अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है. 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद, उन्हें लागू करने से पहले केंद्र को भी उन्हें मंजूरी देनी होगी. टाइमलाइन के मुताबिक, कमीशन बनने के 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें घोषित कर सकता है. इसका मतलब है कि फरवरी या अप्रैल 2027 में इसके फैसलों पर कोई ऑफिशियल घोषणा हो सकती है लेकिन रिपोर्ट जमा करने की इसकी पक्की डेडलाइन मई 2027 है.
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