गैस की महंगाई से करोड़ों लोगों पर आएगी बड़ी आफत! सरकार कब तक उठाएगी घाटा?

यूएस और ईरान के बीच चल रही वॉर का असर अब धीरे-धीरे भारत पर नजर आने लगा है. कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब-करीब ₹1000 की बढ़ोतरी कर दी गई है और अब इसका जो प्राइस है वह ₹3000 से भी ज्यादा हो गया है. इसी के साथ रेटिंग एजेंसी इरा की एक रिपोर्ट आई है जिसमें यह कहा गया है कि जो भारत की तेल कंपनियां हैं इन्हें एफवाई 27 में एलपीजी बेचने पर करीब ₹80 करोड़ का नुकसान हो सकता है जिसे अंडर रिकवरी भी हम कहते हैं और इन कंपनियों को डीजल की बिक्री पर ₹100 पर लीटर और पेट्रोल पर ₹20 पर लीटर का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और अगर अब यह कंपनियों को नुकसान हो रहा है तो वसूली जाहिर सी बात है कि कहीं ना कहीं ग्राहकों से ही की जाएगी. आम लोगों से, ग्राहकों से इसकी वसूली हो सकती है और इसी के साथ हाल ही में Kotak इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी एक रिपोर्ट जारी की थी और कहा था कि चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 से 28 तक बढ़ सकती हैं.

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