अगर आपने ले रखा 40 लाख का होम लोन, 1% ब्याज दर घटने से होगा 10.50 लाख का फायदा! ये है कैलकुलेशन
40 लाख रुपये के होम लोन पर ब्याज दर 10% से घटकर 9% होने पर 10 साल में करीब 2.63 लाख रुपये, 20 साल में 6.27 लाख रुपये और 30 साल में 10.50 लाख रुपये की ब्याज बचत हो सकती है. इससे EMI भी घटती है. हालांकि, लंबी अवधि में कुल ब्याज ज्यादा होता है, इसलिए लोन की अवधि चुनते समय EMI और कुल लागत दोनों पर ध्यान देना चाहिए.

Home Loan EMI: अगर आप नया होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो ब्याज दर में मामूली कटौती भी आपके लिए बड़ी बचत का मौका बन सकती है. ब्याज दर में सिर्फ 1 फीसदी की कमी से न केवल आपकी हर महीने की EMI घट सकती है, बल्कि पूरे लोन के दौरान चुकाया जाने वाला ब्याज भी काफी कम हो सकता है.
उदाहरण के लिए, अगर आप 40 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं और ब्याज दर 10 फीसदी से घटकर 9 फीसदी हो जाती है, तो 10 साल के लोन पर करीब 2.63 लाख रुपये, 20 साल के लोन पर 6.27 लाख रुपये और 30 साल के लोन पर करीब 10.50 लाख रुपये की बचत हो सकती है. हालांकि, यह कैलकुलेशन मानती है कि लोन की पूरी अवधि के दौरान ब्याज दर एक जैसी बनी रहती है.
10% और 9% ब्याज दर पर कितनी होगी EMI?
होम लोन की EMI यानी हर महीने चुकाई जाने वाली किस्त लोन की रकम, ब्याज दर और लोन की अवधि पर निर्भर करती है. 40 लाख रुपये के होम लोन पर अगर ब्याज दर 10 फीसदी के बजाय 9 फीसदी हो जाती है, तो हर महीने की किस्त के साथ कुल ब्याज का बोझ भी घट जाता है.
| लोन की अवधि | 10% ब्याज पर EMI | 9% ब्याज पर EMI | हर महीने की बचत |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹52,860 | ₹50,670 | ₹2,190 |
| 20 साल | ₹38,601 | ₹35,989 | ₹2,612 |
| 30 साल | ₹35,103 | ₹32,185 | ₹2,918 |
इस हिसाब से 30 साल की अवधि वाले लोन में हर महीने करीब 2918 रुपये की बचत हो सकती है. वहीं, 10 साल की अवधि वाले लोन में EMI करीब 2190 रुपये कम हो सकती है.
₹40 लाख के लोन पर कुल ब्याज में कितनी बचत?
ब्याज दर में 1 फीसदी की कमी का असर सिर्फ EMI तक सीमित नहीं रहता. इससे पूरी अवधि में चुकाए जाने वाले कुल ब्याज में भी बड़ा अंतर आ सकता है.
| लोन की अवधि | 10% पर कुल ब्याज | 9% पर कुल ब्याज | कुल ब्याज की बचत |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹23.43 लाख | ₹20.80 लाख | ₹2.63 लाख |
| 20 साल | ₹52.64 लाख | ₹46.37 लाख | ₹6.27 लाख |
| 30 साल | ₹86.37 लाख | ₹75.87 लाख | ₹10.50 लाख |
इन आंकड़ों से साफ है कि ब्याज दर में 1 फीसदी की कमी से लंबी अवधि वाले होम लोन पर कुल बचत ज्यादा हो सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लंबी अवधि का लोन लेना हमेशा बेहतर है.
लंबी अवधि के होम लोन में बचत ज्यादा क्यों?
लंबी अवधि के लोन में ब्याज का पेमेंट ज्यादा समय तक करना पड़ता है. ऐसे में ब्याज दर में कमी का असर भी कुल ब्याज पर अधिक दिखाई देता है. 40 लाख रुपये के लोन पर 10 फीसदी से 9 फीसदी ब्याज दर होने पर 10 साल में करीब 2.63 लाख रुपये, 20 साल में 6.27 लाख रुपये और 30 साल में 10.50 लाख रुपये की बचत का अनुमान है.
लेकिन लंबी अवधि का दूसरा पहलू भी है. 9% ब्याज दर पर 30 साल के लोन में कुल ब्याज करीब 75.87 लाख रुपये बैठता है, जबकि 10 साल के लोन में यह करीब 20.80 लाख रुपये है यानी लंबी अवधि में EMI कम रहती है, लेकिन कुल ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है.
इसलिए होम लोन लेते समय सिर्फ कम EMI देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. अपनी मासिक आमदनी, जरूरी खर्च और बचत को ध्यान में रखकर लोन की अवधि तय करना जरूरी है.
होम लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
नया होम लोन लेने से पहले सिर्फ ब्याज दर की तुलना करना काफी नहीं है. बैंक या वित्तीय संस्थान की प्रोसेसिंग फीस, पेमेंट में देरी या डिफॉल्ट से जुड़ी पेनल्टी, कानूनी शुल्क और अन्य खर्चों को भी समझना चाहिए. इसके साथ ही अलग-अलग ब्याज दरों पर EMI और कुल ब्याज की गणना करें. यह भी देखें कि आपकी मौजूदा आर्थिक स्थिति में हर महीने की किस्त चुकाना कितना आसान होगा और भविष्य में आमदनी या खर्च में बदलाव होने पर आप भुगतान जारी रख पाएंगे या नहीं.
मौजूदा होम लोन लेने वालों के लिए बचत की वास्तविक रकम बकाया लोन, बची हुई अवधि और बैंक की ओर से EMI या लोन की अवधि में किए जाने वाले बदलाव पर निर्भर करेगी. इसलिए हर ग्राहक की बचत एक जैसी नहीं होगी.
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