इंडिया पोस्ट बैंक ने लांच किया नया सेविंग अकाउंट, जीरो बैलेंस पर खाता, तिमाही पर ब्याज जैसे मिलेंगी सुविधाएं
IPPB का यह नया SHG सेविंग अकाउंट ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है. जीरो बैलेंस, जीरो चार्ज और आसान डिजिटल प्रक्रिया के साथ यह पहल देश के दूर-दराज इलाकों में बैंकिंग को सुलभ और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

SHG Savings Account: भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने एक बड़ा कदम उठाया है. IPPB ने नया सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) सेविंग अकाउंट लॉन्च किया है, जिसका मकसद ग्रामीण भारत में महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आसान और किफायती बैंकिंग सुविधा देना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इस अकाउंट के फायदे और कैसे मिलेगा लाभ.
क्या है SHG Savings Account और क्यों है खास?
यह नया अकाउंट खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद बैंकिंग सेवाओं को सरल बनाना और आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करना है. यह पहल सरकार के ग्रामीण विकास एजेंडा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रमों के साथ जुड़ी हुई है, जिसे NABARD जैसी संस्थाओं का समर्थन भी मिलता है.
IPPB के MD और CEO आर. विश्वेश्वरन (R Viswesvaran) ने कहा कि यह अकाउंट महिलाओं के नेतृत्व वाले SHGs को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है और इससे वे औपचारिक वित्तीय सिस्टम में ज्यादा सक्रिय भागीदारी कर सकेंगी.
SHG Savings Account के फीचर्स?
इस अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जीरो बैलेंस और जीरो चार्ज पर आधारित है, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से जुड़ सकते हैं. यानी
- अकाउंट खोलने के लिए कोई न्यूनतम बैलेंस जरूरी नहीं है.
- किसी भी तरह का पेनल्टी या चार्ज नहीं लिया जाएगा.
- कैश जमा और निकासी पर कोई शुल्क नहीं है.
- अधिकतम बैलेंस लिमिट 2,00,000 तय की गई है.
- सेविंग रेट के अनुसार तिमाही (quarterly) ब्याज दिया जाएगा.
- हर महीने एक फ्री फिजिकल अकाउंट स्टेटमेंट मिलेगा.
- अकाउंट बंद करने या QR कार्ड जारी करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा.
डिजिटल और डोरस्टेप बैंकिंग की सुविधा
इस अकाउंट की एक और खास बात है कि इसे खोलना पूरी तरह डिजिटल और आसान है. पोस्ट ऑफिस और ग्रामीण डाक सेवकों की मदद से ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. IPPB का डोरस्टेप बैंकिंग मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि दूर-दराज के गांवों तक भी बैंकिंग सेवाएं पहुंचें.
ग्रामीण महिलाओं और SHGs के लिए कैसे फायदेमंद?
यह अकाउंट खासतौर पर उन महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है जो छोटे व्यवसाय या आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं. इससे उन्हें सुरक्षित बचत, पारदर्शिता और बेहतर आर्थिक प्रबंधन में मदद मिलेगी. इसके जरिए IPPB का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा SHGs को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए और पारंपरिक बैंकिंग बाधाओं जैसे न्यूनतम बैलेंस और जटिल प्रक्रियाओं को खत्म किया जाए.
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