ITR Filing AY 2026-27: TDS रिफंड पाना है आसान, जानिए कैसे करें क्लेम और कैसे चेक करें स्टेटस
AY 2026-27 के लिए ITR फाइल करते समय टैक्सपेयर्स अतिरिक्त कटे हुए TDS का रिफंड क्लेम कर सकते हैं. यदि आपकी इनकम पर कटा TDS वास्तविक टैक्स देनदारी से अधिक है, तो ITR दाखिल करने पर रिफंड मिल सकता है. इसके लिए Form 26AS में TDS की जानकारी जांचना, सही इनकम डिटेल भरना और ITR का ई वेरिफिकेशन करना जरूरी है.

ITR Filing AY 2026-27: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का समय शुरू हो चुका है. ऐसे में कई टैक्सपेयर्स यह जानना चाहते हैं कि अगर उनकी इनकम से जरूरत से ज्यादा TDS कट गया है तो उसका रिफंड कैसे मिलेगा. कई बार नौकरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड या अन्य इनकम पर कटे TDS की अमाउंट रियल टैक्स देनदारी से अधिक हो जाती है. ऐसी स्थिति में टैक्सपेयर अतिरिक्त जमा टैक्स को वापस पाने के लिए ITR दाखिल कर सकते हैं. आयकर विभाग रिटर्न की जांच के बाद यह राशि सीधे बैंक खाते में भेज देता है. आइए जानते हैं TDS रिफंड क्लेम करने का पूरा तरीका.
क्या होता है TDS रिफंड
TDS रिफंड तब मिलता है जब किसी व्यक्ति की इनकम पर काटा गया टैक्स उसकी रियल टैक्स देनदारी से ज्यादा हो. यदि आपकी कुल टैक्स योग्य इनकम बेसिक छूट सीमा से कम है और फिर भी TDS कट गया है, तब भी आप रिफंड के हकदार हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में ITR फाइल करके अतिरिक्त टैक्स वापस लिया जा सकता है. आयकर विभाग रिटर्न प्रोसेस करने के बाद रिफंड जारी करता है. यह राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है.
किन इनकम पर कटता है TDS
TDS कई तरह की इनकम पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, बैंक एफडी पर ब्याज, डिविडेंड, कमीशन, ब्रोकरेज, प्रोफेशनल फीस और कांट्रैक्ट पेमेंट शामिल हैं. इसके अलावा लॉटरी जीतने या ऑनलाइन गेमिंग से हुई कमाई पर भी TDS कट सकता है. पेमेंट करने वाला व्यक्ति या संस्था यह टैक्स सरकार के पास जमा करती है. बाद में टैक्सपेयर ITR के माध्यम से इसका हिसाब कर सकता है.
सबसे पहले Form 26AS जरूर जांचें
TDS रिफंड क्लेम करने से पहले Form 26AS देखना जरूरी है. यह डॉक्यूमेंट इनकम पोर्टल पर उपलब्ध होता है और आपके PAN से जुड़ा रहता है. इसमें आपकी इनकम पर कटे सभी TDS की जानकारी दर्ज होती है. साथ ही एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स की जानकारी भी दिखाई देती है. ITR भरने से पहले यह सुनिश्चित करें कि Form 26AS में मौजूद जानकारी सही हो.
ई वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगा रिफंड
ITR दाखिल करने के बाद उसका ई वेरिफिकेशन करना जरूरी होता है. यह प्रक्रिया आधार OTP या अन्य स्वीकृत माध्यमों से पूरी की जा सकती है. जब ई वेरिफिकेशन सफल हो जाता है, तभी आयकर विभाग रिटर्न प्रोसेस करना शुरू करता है. रिटर्न प्रोसेस होने के बाद रिफंड सीधे आपके बैंक खाते में भेज दिया जाता है. इसलिए ITR फाइल करने के बाद वेरिफिकेशन करना न भूलें.
यह भी पढ़ें- HDFC ने महंगा कर दिया लोन, बढ़ जाएगी आपकी EMI; कर्ज लेने से पहले करें ये प्लानिंग
ऐसे चेक करें रिफंड का स्टेटस
रिफंड का स्टेटस देखने के लिए आयकर ई फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें. इसके बाद e-File सेक्शन में जाकर Income Tax Returns और फिर View Filed Returns पर क्लिक करें. संबंधित असेसमेंट ईयर AY 2026-27 चुनें और View Details पर जाएं. यहां इनकम अपने रिटर्न और रिफंड की पूरी स्थिति देख सकते हैं. यदि रिफंड जारी हो चुका है या किसी कारण से अटका है तो उसकी जानकारी भी यहीं मिल जाएगी.