UPI के जरिए PF का पैसा निकालने की टेस्टिंग शुरू, जानें- कब से आपको मिल सकती है ये सुविधा

उम्मीद है कि EPFO ​​सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से जुड़ा एक ऐप लॉन्च करेगा. यह ऐप BHIM और दूसरे UPI ऐप्स से भी जुड़ेगा. शिक्षा, शादी और घर जैसे जरूरी खर्चों सहित यूनिफाइड कैटेगरी के तहत शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए, सब्सक्राइबर अपने जमा EPF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकता है.

कब से निकलेगा यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा. Image Credit: Money9

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने बैंकों के साथ मिलकर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए प्रोविडेंट फंड बैलेंस निकालने की टेस्टिंग शुरू कर दी है. मनीकंट्रोल ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस फीचर के जरिए EPFO ​​सब्सक्राइबर्स UPI के माध्यम से अपना प्रोविडेंट फंड बैलेंस निकाल सकेंगे और उम्मीद है कि इसे दिसंबर के आखिर तक औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा.

आसान होगी नई प्रक्रिया

मौजूदा समय में EPFO ​​से पैसे निकालने का काम UAN पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है. क्लेम प्रोसेस पूरा होने के बाद, EPFO ​​निकाली गई रकम सब्सक्राइबर के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देता है, जहां से इसे निकाला जा सकता है.

नई प्रक्रिया के तहत, EPFO ​​पैसे निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए UAN पोर्टल को सब्सक्राइबर्स के UPI अकाउंट से जोड़ेगा. ऑर्गनाइजेशन के पास अभी लगभग 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं.

लॉन्च हो सकता है ऐप

एक अधिकारी ने कहा, ‘सब्सक्राइबर्स कुछ शर्तों के साथ UPI के जरिए अपने EPFO ​​बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकेंगे. रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद है कि EPFO ​​सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से जुड़ा एक ऐप लॉन्च करेगा. यह ऐप BHIM और दूसरे UPI ऐप्स से भी जुड़ेगा.

UPI के जरिए आप कितना EPF निकाल सकते हैं?

मौजूदा नियमों के तहत, सब्सक्राइबर के अकाउंट में EPF बैलेंस का कम से कम 25 फीसदी हिस्सा बना रहना चाहिए. शिक्षा, शादी और घर जैसे जरूरी खर्चों सहित यूनिफाइड कैटेगरी के तहत शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए, सब्सक्राइबर अपने जमा EPF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकता है. बाकी 25 फीसदी हिस्सा अकाउंट में ही रहता है और उस पर टैक्स-फ्री ब्याज मिलता रहता है.

सूत्रों के अनुसार, EPFO ​​का कुल फंड लगभग 26 लाख करोड़ रुपये है, जबकि एक्टिव सब्सक्राइबर्स या योगदान करने वाले सदस्यों की संख्या लगभग 7.5 करोड़ है.

वेतन सीमा में बढ़ोतरी

इस बीच, वेतन सीमा बढ़ने से कुछ कर्मचारियों के योगदान में बदलाव आ सकता है. कैबिनेट ने वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. पिछली सीमा 2014 में तय की गई थी, इसलिए 12 साल बाद यह पहला बदलाव है.

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