पेटीएम पेमेंट्स बैंक RBI की इस लिस्ट से हुआ बाहर, अब आपके Paytm अकाउंट्स का क्या होगा?

इस साल अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियमों का पालन न करने के कारण PPBL का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था. विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी Paytm की सहयोगी फर्म PPBL पहले भी कई बार रेगुलेटरी जांच के दायरे में आ चुकी है.

पेटीएम पेमेंट्स बैंक Image Credit: Money9

Highlights

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने Paytm पेमेंट्स बैंक को बंद करने का आदेश दिया था.
  • PPBL पहले भी कई बार रेगुलेटरी जांच के दायरे में आ चुकी है.
  • RBI ने अप्रैल में ग्राहकों को भरोसा दिलाया था कि उनका पैसा सुरक्षित है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Paytm पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने के बाद उसे मान्यता प्राप्त ‘शेड्यूल्ड बैंकों’ की सूची से आधिकारिक तौर पर हटा दिया है. इस साल अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियमों का पालन न करने के कारण PPBL का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था. RBI ने कहा था कि बैंक का कामकाज इस तरह से चलाया जा रहा था जो उसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदेह था.

सेंकेंड शेड्यूल से बाहर

बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने Paytm पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने का आदेश दिया. केंद्रीय बैंक ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘Paytm पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 के सेंकेंड शेड्यूल (Second Schedule) से हटा दिया गया है. इस संबंध में एक नोटिफिकेशन 31 जुलाई को जारी किया गया था और सितंबर में इसे भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित किया गया था.

क्या है सेंकेंड शेड्यूल?

RBI एक्ट का सेंकेंड शेड्यूल उन मान्यता प्राप्त बैंकों की आधिकारिक सूची है, जो केंद्रीय बैंक के वित्तीय मानकों को पूरा करते हैं और जिन्हें विशेष ऑपरेशनल सुविधाएं मिलती हैं. ‘शेड्यूल्ड बैंक’ का मतलब है दूसरी अनुसूची में शामिल बैंक.

लगातार जांच के दायरे में रही है PPBL

विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी Paytm की सहयोगी फर्म PPBL पहले भी कई बार रेगुलेटरी जांच के दायरे में आ चुकी है. मार्च 2022 में भी केंद्रीय बैंक ने उसे नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था. लाइसेंस रद्द करते समय, RBI ने कहा था कि बैंक का कामकाज इस तरह से चलाया जा रहा था जो बैंक और उसके जमाकर्ताओं, दोनों के हितों के लिए नुकसानदेह था.

इससे पहले बैंक में महत्वपूर्ण निगरानी संबंधी चिंताओं को देखते हुए PPBL को 11 मार्च, 2022 से नए ग्राहक जोड़ने से रोकने का निर्देश दिया गया था. बैंक को अपने IT सिस्टम का व्यापक ऑडिट करने के लिए एक IT ऑडिट फर्म नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया था.

इसके बाद, 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी, 2024 को बैंक पर कुछ व्यावसायिक प्रतिबंध भी लगाए गए थे. इनमें मौजूदा ग्राहकों के खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में और जमा/क्रेडिट/टॉप-अप की अनुमति न देना शामिल था.

आपके Paytm अकाउंट्स का क्या होगा?

RBI ने अप्रैल में ग्राहकों को भरोसा दिलाया था कि उनका पैसा सुरक्षित है. अपने बयान में RBI ने कहा कि ‘बैंक के पास अपना पूरा डिपॉजिट का पैसा वापस करने के लिए काफी लिक्विडिटी (नकद) है.’ साथ ही आप पहले की तरह ही UPI, रिचार्ज और पेमेंट वगैरह के लिए Paytm ऐप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं.

कंपनी ने क्या कहा?

RBI की कार्रवाई के बाद, One97 Communications ने अपनी कंपनी फाइलिंग में बताया कि PPBL में उसका कोई एक्सपोजर नहीं है, क्योंकि उसने 31 मार्च, 2024 तक ही मुश्किलों में फंसी इस कंपनी में अपने निवेश को राइट-ऑफ़ (बट्टे खाते में डालना) कर दिया था.

कंपनी ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सहयोगी कंपनी Paytm पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के खिलाफ रेगुलेटरी कार्रवाई के बावजूद, Paytm ऐप, Paytm UPI, Paytm QR, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन और पेमेंट गेटवे जैसी मुख्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी.

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