बैंक लॉकर से चोरी हो गया सोना? क्या कहते हैं RBI के नियम

बैंक लॉकर को हमेशा से सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है, जहां लोग अपनी गाढ़ी कमाई, पुश्तैनी जेवर और महत्वपूर्ण दस्तावेज बिना चिंता के रखते हैं. लेकिन हाल के वर्षों में लॉकर सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं, खासकर तब जब चोरी या नुकसान की घटनाएं सामने आईं. ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए RBI ने बैंक लॉकर नियमों में अहम बदलाव किए हैं, जिससे ग्राहकों के अधिकार पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं. नए नियमों के तहत अब बैंक अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला नहीं झाड़ सकते. यदि बैंक की लापरवाही या सुरक्षा में कमी के कारण लॉकर में रखे सामान को नुकसान होता है, तो बैंक को मुआवजा देना होगा.

हालांकि यह मुआवजा सीमित होता है और आमतौर पर लॉकर के वार्षिक किराए के एक निश्चित गुणा तक ही तय किया जाता है. वहीं, कुछ परिस्थितियां ऐसी भी हैं जहां बैंक किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेता, जैसे प्राकृतिक आपदा, युद्ध या ग्राहक की अपनी लापरवाही. इसलिए ग्राहकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे लॉकर लेते समय नियम और शर्तों को अच्छे से समझें.

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