TDS की डेडलाइन न चूकें, 31 अक्टूबर तक भरें स्टेटमेंट; 15 नवंबर तक जारी करें सर्टिफिकेट
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अक्टूबर और नवंबर 2026 में TDS से जुड़े जरूरी कामों की समय-सीमा याद दिलाई है. जुलाई-सितंबर तिमाही के TDS स्टेटमेंट 31 अक्टूबर तक दाखिल करने हैं, जबकि Form 131 के तहत TDS सर्टिफिकेट जारी करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है. जानें नए टैक्स कानून के तहत Form 138, 140, 141, 143 और 144 का इस्तेमाल कब होता है.

सैलरी से लेकर किराये और बैंक एफडी के ब्याज तक, कई तरह के पेमेंट पर TDS कटता है. अगर आप भी किसी कर्मचारी को सैलरी देते हैं, किराये का भुगतान करते हैं या किसी दूसरे ऐसे पेमेंट पर TDS काटने के लिए जिम्मेदार हैं, तो अक्टूबर और नवंबर की ये तारीखें याद रखें. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने TDS स्टेटमेंट दाखिल करने और सर्टिफिकेट जारी करने की डेडलाइन बताई है. एक तारीख 31 अक्टूबर है, जबकि दूसरी 15 नवंबर 2026 है.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर TDS से जुड़ी समय-सीमा याद दिलाई. विभाग ने कहा कि TDS काटना पहला कदम है. समय पर टैक्स जमा करना और TDS रिटर्न दाखिल करना भी उतना ही जरूरी है. विभाग ने अक्टूबर और नवंबर 2026 की दो अहम तारीखों पर ध्यान दिलाया है. जुलाई-सितंबर तिमाही के TDS स्टेटमेंट दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है. वहीं, इस तिमाही के लिए TDS सर्टिफिकेट जारी करने की समय-सीमा 15 नवंबर 2026 है.
31 अक्टूबर तक किन लोगों को दाखिल करना है TDS स्टेटमेंट?
1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो गया है. इसके तहत टैक्स ईयर 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही दूसरी तिमाही यानी Q2 है. नए कानून के तहत TDS से जुड़े कई फॉर्म के नंबर बदल गए हैं.
31 अक्टूबर 2026 तक दाखिल किए जाने वाले प्रमुख स्टेटमेंट ये हैं.
Form 138: यह फॉर्म उन नियोक्ताओं के लिए है, जो कर्मचारियों की सैलरी पर TDS काटते हैं. इसके अलावा, पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन और ब्याज आय का भुगतान करने वाले बैंक भी इस फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं.
Form 140: यह फॉर्म भारत में रहने वाले लोगों को सैलरी के अलावा किए गए भुगतानों पर काटे गए TDS की जानकारी देने के लिए है. इसमें पेशेवर फीस, किराया, कमीशन और ब्याज जैसे भुगतान शामिल हो सकते हैं.
Form 144: यह फॉर्म भारत में नहीं रहने वाले लोगों को सैलरी के अलावा किए गए कुछ तय भुगतानों पर काटे गए TDS की जानकारी देने के लिए है.
Form 143: इस फॉर्म का इस्तेमाल टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी TCS का तिमाही स्टेटमेंट दाखिल करने के लिए किया जाता है.
नए कानून के तहत ये फॉर्म पुराने टैक्स सिस्टम के Form 24Q, Form 26Q, Form 27Q और Form 27EQ से मोटे तौर पर संबंधित हैं. किस फॉर्म का इस्तेमाल करना है, यह भुगतान के प्रकार और रिपोर्टिंग की जरूरत पर निर्भर करता है.
Form 141 को लेकर न हो कन्फ्यूजन
Form 141 को 31 अक्टूबर वाली तिमाही डेडलाइन के साथ नहीं जोड़ना चाहिए. यह कुछ तय लेनदेन पर TDS के लिए चालान और स्टेटमेंट का संयुक्त फॉर्म है. इसमें किराये के कुछ भुगतान, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) की ओर से ठेकेदारों या पेशेवरों को किए गए कुछ भुगतान और वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर जैसे लेनदेन शामिल हो सकते हैं.
इस फॉर्म की समय-सीमा अलग है. इसे उस महीने के अंत से एक महीने के भीतर दाखिल करना होता है, जिसमें टैक्स काटा गया है. इसलिए इसके लिए तिमाही TDS स्टेटमेंट वाली तारीख लागू नहीं होती.
15 नवंबर तक जारी करना होगा TDS सर्टिफिकेट
TDS काटने वालों के लिए दूसरी अहम तारीख 15 नवंबर 2026 है. इस दिन तक जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Form 131 जारी करना होगा. Form 131 सैलरी के अलावा किए गए भुगतानों पर काटे गए TDS का सर्टिफिकेट है. यह पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के Form 16A से संबंधित है. इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के सेक्शन 395(4)(a) के तहत इसमें काटे गए टैक्स की जानकारी दर्ज होती है. इस सर्टिफिकेट की मदद से टैक्स पाने वाला व्यक्ति अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय TDS क्रेडिट का दावा कर सकता है.
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के Form 131 से जुड़े FAQ के मुताबिक, यह सर्टिफिकेट तिमाही TDS स्टेटमेंट दाखिल करने की आखिरी तारीख के 15 दिनों के भीतर जारी करना होता है. जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए इसकी समय-सीमा 15 नवंबर 2026 है. यह सर्टिफिकेट विभाग के TRACES पोर्टल के जरिए तैयार किया जाता है. इसके लिए संबंधित तिमाही का Form 140 या Form 144 पहले दाखिल होना और प्रोसेस होना जरूरी है.
समय पर काम पूरा नहीं किया तो क्या होगा?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने TDS काटने और जमा करने के लिए जिम्मेदार लोगों से समय पर अनुपालन करने की अपील की है. तय समय-सीमा चूकने पर ब्याज, लेट फीस और पेनल्टी लग सकती है.
इसलिए कारोबारियों, नियोक्ताओं, बैंकों और अन्य TDS काटने वालों को अपने रिकॉर्ड की जांच कर लेनी चाहिए. साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मामले में कौन-सा फॉर्म लागू होता है और उसे दाखिल करने या सर्टिफिकेट जारी करने की आखिरी तारीख क्या है.
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