Adani Ports की ₹13,000 करोड़ की डील पर क्या कहती हैं Jefferies, Nomura और MOFS की रिपोर्ट?
गौतम अडानी की कंपनी अडानी पोर्ट्स ने हाल ही में केरल के विझिंजम डीप-सी पोर्ट में 49% हिस्सेदारी दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनियों में से एक, एमएससी ग्रुप की सहयोगी कंपनी टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड को बेचने का समझौता किया है. यह डील लगभग 1.4 बिलियन डॉलर (लगभग ₹13,000 करोड़) की है, जिसे भारत के पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे बड़े विदेशी निजी निवेशों में से एक माना जा रहा है. इस रणनीतिक साझेदारी से अडानी पोर्ट्स को कंटेनर ट्रैफिक बढ़ने, इंटरनेशनल कार्गो का भरोसा मजबूत होने और भविष्य में राजस्व तथा एबिटा में वृद्धि की उम्मीद है. हालांकि, इस महत्वपूर्ण डील पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
केरल सरकार ने आपत्ति जताई है कि इस सौदे के लिए उससे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया और न ही पूर्व मंजूरी ली गई, जो कि अनिवार्य थी. केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा है कि सरकार को डील की जानकारी केवल मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि विझिंजम पोर्ट के मालिकाना ढांचे में किसी भी बदलाव के लिए राज्य सरकार की मंजूरी आवश्यक है.