भारतीय परिवारों के बढ़ते कर्ज पर क्यों परेशान है रिजर्व बैंक?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताजा फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट ने देश के बैंकिंग सिस्टम के समक्ष कुछ उभरती चुनौतियों पर प्रकाश डाला है. रिपोर्ट बताती है कि जहां एक ओर भारतीय बैंक मजबूत और लचीले बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संकेत ऐसे हैं जो भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकते हैं. सबसे बड़ी चिंता भारतीय परिवारों पर बढ़ता कर्ज है, विशेषकर खुदरा और गोल्ड लोन सेगमेंट में.

कुल खुदरा कर्ज में घरेलू कर्ज की हिस्सेदारी 58% से अधिक हो गई है. यह कर्ज अक्सर उपभोग-आधारित होता है, न कि संपत्ति निर्माण से जुड़ा. यदि इन सेगमेंट में एनपीए बढ़ते हैं या गोल्ड की कीमतों में गिरावट आती है, तो यह बैंकों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है.

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