23731 करोड़ रुपये का सरकारी दांव, CBG सेक्टर में आएगी तेजी! इन 3 स्टॉक पर रखें नजर
भारत में CBG सेक्टर को 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan स्कीम और बढ़ती CBG ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन से बड़ा सपोर्ट मिल रहा है. सरकार FY29 तक ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन को 5 फीसदी करने की योजना पर आगे बढ़ रही है. इस बढ़ते अवसर के बीच कई कंपनियां CBG प्रोडक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं.

CBG Stocks: भारत में कचरे से ईंधन बनाने वाले सेक्टर को सरकार की नीतियों से बड़ा सपोर्ट मिल रहा है. कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG मार्केट अब सिर्फ पॉलिसी अनाउंसमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि कमर्शियल अवसर के तौर पर भी तेजी से उभर रहा है. केंद्र सरकार ने CBG प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan स्कीम को मंजूरी दी है. इसके साथ ही CBG ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन भी बढ़ाया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में इस सेक्टर में डिमांड बढ़ने की उम्मीद है.
CBG का उत्पादन ऑर्गेनिक वेस्ट जैसे पशुओं के गोबर, फूड वेस्ट और एग्रीकल्चरल वेस्ट को प्रोसेस करके किया जाता है. सरकार की ओर से अस्योर्ड प्राइस और कैपिटल सपोर्ट दिए जाने से CBG प्रोड्यूसर्स के लिए अपने आउटपुट की डिमांड को लेकर विजिबिलिटी बेहतर हो सकती है.
CBG ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन भी बढ़ेगा
CBG सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ब्लेंडिंग ऑब्लिगेशन में भी बढ़ोतरी की है. यह FY26 में 1 फीसदी से बढ़कर FY27 में 3 फीसदी FY28 में 4 फीसदी और FY29 तक 5 फीसदी किया जाएगा. इससे CBG प्रोड्यूसर्स को अपने प्रोडक्शन के लिए बेहतर मार्केट विजिबिलिटी मिल सकती है.
इसके अलावा राज्य सरकारें भी CBG सेक्टर के लिए अलग-अलग इंसेंटिव दे रही हैं. महाराष्ट्र ने 500 करोड़ रुपये की CBG पॉलिसी पेश की है. ऐसे में बायोएनर्जी, वेस्ट मैनेजमेंट और CBG इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के लिए आने वाले समय में अवसर बढ़ सकते हैं.
Praj Industries
Praj Industries के बायोएनर्जी बिजनेस में CBG एक अहम सेगमेंट है. कंपनी के इनोवेशन सेंटर प्राज मैट्रिक्स ने अपनी रेनगैस टेक्नोलॉजी विकसित की है, जो कंपनी के CBG बिजनेस की प्रमुख टेक्नोलॉजी है. कंपनी का फोकस रिन्यूएबल फ्यूल की हिस्सेदारी बढ़ाने और एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने पर है.
कंपनी के पास प्रेसमड और नेपियर ग्रास से जुड़े CBG प्रोजेक्ट्स की मजबूत इंक्वायरी पाइपलाइन है. रेनगैस प्रोसेस के साथ प्राज ने फीडस्टॉक प्रिपरेशन और स्टेबिलाइजेशन के लिए पीएमस्टैब, बीएमसॉल्व और एनजीस्टैब जैसी सॉल्यूशंस भी विकसित की हैं. कंपनी के मुताबिक, इसकी टेक्नोलॉजी ट्रेडिशनल तरीकों की तुलना में ऑपरेटिंग कॉस्ट को 30 फीसदी तक कम कर सकती है.
प्राज ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के साथ CBG प्रोडक्शन के लिए जॉइंट वेंचर बनाने को लेकर एमओयू भी किया है. वहीं, इंडियन ऑयल के साथ हुए एमओयू में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, एथेनॉल और CBG प्रोडक्शन फैसिलिटीज स्थापित करने की योजना शामिल है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.69 फीसदी बढ़कर 325 रुपये पर पहुंच गया.
Va Tech Wabag
Va Tech Wabag भी CBG सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. कंपनी ने पीक सस्टेनेबिलिटी के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है, जिसके तहत दुनियाभर में 100 CBG प्लांट्स विकसित करने की योजना है. कंपनी ऑर्गेनिक वेस्ट स्ट्रीम्स को क्लीन फ्यूल में बदलने पर फोकस कर रही है.
गाजियाबाद में कंपनी ने 70 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर अपना पहला CBG प्रोजेक्ट शुरू किया है. यह प्रोजेक्ट बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के तहत गाजियाबाद बायोएनर्जी नाम के जॉइंट वेंचर के जरिए चलाया जा रहा है. इस प्लांट में सीवेज स्लज के डाइजेशन से बनने वाली रॉ बायोगैस को बायो-सीएनजी में बदला जाता है. कंपनी के मुताबिक, यह प्लांट करीब 3,500 घरों को कुकिंग गैस उपलब्ध कराने या करीब 400 वाहनों को फ्यूल देने में सक्षम है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक Va Tech Wabag का ऑर्डर बुक 17,235 करोड़ रुपये था, जो FY26 के रेवेन्यू के 4 गुने से ज्यादा है. कंपनी ने अगले 3-5 वर्षों में 15-20 फीसदी के रेवेन्यू सीएजीआर का अनुमान दिया है, जबकि EBITDA मार्जिन 13-15 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद जताई है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.66 फीसदी गिरकर 1,958 रुपये पर पहुंच गया.
TruAlt Bioenergy
TruAlt Bioenergy का CBG बिजनेस भी कंपनी के लॉन्ग टर्म ग्रोथ और अर्निंग्स का अहम ड्राइवर बन रहा है. कंपनी शुगरकेन प्रेसमड और स्पेंट वॉश को मुख्य फीडस्टॉक के तौर पर इस्तेमाल करती है. कंपनी की रणनीति के तहत प्लांट्स ऐसे स्थानों पर लगाए जाते हैं, जहां 30 किलोमीटर के दायरे में जरूरत से करीब 3 गुना ज्यादा रॉ मटेरियल उपलब्ध हो.
कंपनी फिलहाल कर्नाटक में 10.2 टीपीडी क्षमता वाला एक CBG प्लांट संचालित कर रही है, जिसकी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन करीब 78 फीसदी है. Q1FY27 में CBG सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11 फीसदी बढ़कर 11.3 करोड़ रुपये हो गया. इसमें करीब 60 फीसदी रेवेन्यू गैस सेल्स से और 40 फीसदी ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स से आता है.
कंपनी ने सुमितोमो कॉरपोरेशन और GAIL के साथ जॉइंट वेंचर भी बनाए हैं. सुमितोमो जेवी के तहत 300-340 करोड़ रुपये के निवेश से कर्नाटक और महाराष्ट्र में 20 टीपीडी क्षमता वाले 4 CBG यूनिट्स बनाने की योजना है. वहीं, GAIL के साथ 425 करोड़ रुपये की लागत से 12 टीपीडी क्षमता वाले 6 और CBG प्लांट्स बनाने की योजना है.
GAIL की ओर से रोजाना प्रोडक्शन का 80-90 फीसदी ऑफटेक सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है. कंपनी के अनुमान के मुताबिक, 132 टीपीडी की क्षमता पूरी तरह इस्तेमाल होने पर सालाना करीब 600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू पोटेंशियल बन सकता है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 2.75 फीसदी बढ़कर 477 रुपये पर पहुंच गया.
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