Closing Bell: ₹8 लाख करोड़ डूबे! सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने मचाई बाजार में तबाही

Closing Bell: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण, बुधवार सुबह भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला. बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर मुख्य बेंचमार्क इंडेक्स में और गिरावट आई और फिर ये बढ़ती ही चली गई.

शेयर बाजार में गिरावट. Image Credit: Money9live

Closing Bell: बुधवार की दोपहर में भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की ऐसी सुनामी आई कि दोनों ही इंडेक्स- निफ्टी और सेंसेक्स औंधे मुंह गिर पड़े. अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को एक बार फिर से हवा दे दी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने का ऐलान कर दिया. इसकी वजह से आखिरी घंटे में बाजार भर-भराकर टूट गया.

8 जुलाई को US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोर रहे और निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हुआ.

चौतरफा बिकवाली

सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 फीसदी गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 फीसदी गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ. लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

निफ्टी 50 इंडेक्स 24,259 पर नीचे खुला और आखिर में 23,897 पर बंद हुआ, जिसमें इंट्राडे में 500 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई. BSE सेंसेक्स 77,816 पर गैप-डाउन खुला. 30-स्टॉक वाला यह इंडेक्स इंट्राडे में 76,259 के निचले स्तर तक गया, लेकिन आखिर में 76,522 पर बंद हुआ, जिसमें इंट्राडे में 1,658 पॉइंट्स की गिरावट आई.

इसी तरह, बैंक निफ्टी इंडेक्स 57,918 पर नीचे खुला और इंट्राडे में 56,549 के निचले स्तर तक पहुंचा. हालांकि, इंडेक्स आखिर में 56,742 पर बंद हुआ, जिसमें इंट्राडे में 1,458 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट Jio Financial, Interglobe Aviation, Shriram Finance, Maruti Suzuki और HUL के शेयरों में देखी गई, जबकि ONGC और Bajaj Auto के शेयरों में बढ़त रही.

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी कमजोर रही और सभी बड़े इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि India VIX में लगभग 25 फीसदी की तेजी आई.

सेक्टोरल इंडेक्स

PSU बैंक शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही. Nifty PSU Bank इंडेक्स 2.56 फीसदी गिरा, इसके बाद Nifty Bank (-2.40 प्रतिशत), Nifty Private Bank (-2.42 प्रतिशत), Nifty FMCG (-2.39 प्रतिशत) और Nifty Media (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई.

निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.13 प्रतिशत), Nifty Auto (-2.06 प्रतिशत) और Nifty Infrastructure (-2.06 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। वहीं, Nifty Pharma इंडेक्स 0.87 प्रतिशत और Nifty Metal 0.68 प्रतिशत गिरा.

8 लाख करोड़ खाक

BSE के डेटा के अनुसार, दलाल स्ट्रीट पर हुई इस बिकवाली में BSE पर लिस्टेड शेयरों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. मंगलवार को BSE पर लिस्टेड शेयरों का मार्केट वैल्यूएशन 4,80,20,223 करोड़ रुपये (यानी ₹480 लाख करोड़) था, जो अब घटकर 4,72,02,439 करोड़ रुपये (यानी ₹472 लाख करोड़) हो गया है.

बाजार में बिकवाली के मुख्य कारण

भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली के दबाव की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव को माना जा सकता है. दोनों पक्षों की ओर से हालिया हमलों ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे दलाल स्ट्रीट समेत सभी शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है. इसकी वजह से तेल की कीमतें एक फिर से उछल गई हैं.

तेल की ऊंची कीमतों से भारत को नुकसान होता है, क्योंकि वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है. इससे आयात का बिल बढ़ जाता है, महंगाई को बढ़ावा मिलता है और विकास की गति धीमी हो जाती है.

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