ट्रंप के एक बयान ने निवेशकों के डुबोए ₹10 लाख करोड़, बाजार में चौतरफा हाहाकार!

दरअसल, नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका को तेहरान के साथ किसी नए समझौते की उम्मीद नहीं है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की गई है और मिडिल-ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

क्यों टूटा बाजार? Image Credit: Canva

Why Stock Market Crashed : शेयर बाजार में बुधवार दोपहर अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिससे बाजार में पैनिक सेलिंग शुरू हो गई. इसका असर यह रहा कि सेंसेक्स 1,900 अंकों से अधिक टूटकर 76,280 पर आ गया, जबकि निफ्टी 579 अंकों की गिरावट के साथ 23,817 के स्तर तक फिसल गया. गिरावट का आलम ये रहा कि निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ डूब गए.

डोनाल्ड ट्रंप के बयान के मचा हड़कंप

दरअसल, नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका को तेहरान के साथ किसी नए समझौते की उम्मीद नहीं है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की गई है और मिडिल-ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है.

ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया. निवेशकों को आशंका है कि यदि मिडिल-ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है. इससे महंगाई पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ अन्य कई मोर्चों पर नेगेटिव असर देखने को मिल सकता है.

अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ी वजह

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का रहा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में तीन जहाजों पर हमला किया और बहरीन तथा कुवैत को भी निशाना बनाया. इस घटनाक्रम से ग्लोबल मार्केट में चिंता बढ़ गई.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6 फीसदी बढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. इससे पहले भी इसमें करीब 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात करने वाले देशों के लिए चिंता का विषय मानी जाती हैं, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है.

India VIX में 7 फीसदी से ज्यादा उछाल

बाजार की घबराहट को बताने वाला India VIX भी 7 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 12.47 पर पहुंच गया. VIX में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.

रुपया भी कमजोर

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में रहा. रुपया 95.16 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 94.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.