Nifty IT में बड़ी गिरावट, Infosys, Wipro और TCS जैसे शेयरों का बुरा हाल; अमेरिकी रिपोर्ट ने झकझोरा

Nifty IT: यह गिरावट पूरे मार्केट की तुलना में काफी ज्यादा थी. निफ्टी 50 0.19% गिरकर 23,852.90 पर था और सेंसेक्स 125 अंक गिरकर 76,390.27 पर आ गया था. Nifty 50 में सबसे अधिक गिरावट वाली कंपनियों में पांच बड़ी IT कंपनियां शामिल रहीं.

आईटी स्टॉक Image Credit: Canva/ Money9

Highlights

  • Infosys, Wipro और TCS जैसे बड़े शेयरों में 2.5 फीसदी तक की गिरावट आई,
  • सबसे अधिक गिरावट वाली कंपनियों में पांच बड़ी IT कंपनियां शामिल.
  • IT शेयरों में गिरावट का असर मिडकैप टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी दिखा.

7 सितंबर को शुरुआती कारोबार में भारतीय IT शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और Nifty IT इंडेक्स 1 फीसदी से अधिक गिर गया. Infosys, Wipro और TCS जैसे बड़े शेयरों में 2.5 फीसदी तक की गिरावट आई, क्योंकि US की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ गईं.

सबसे अधिक गिरावट वाला इंडेक्स

सुबह करीब 9:18 बजे निफ्टी IT 1.27 फीसदी गिरकर 30,306.15 पर था, जिससे यह सबसे अधिक गिरने वाले सेक्टरल इंडेक्स में से एक बन गया. यह गिरावट पूरे मार्केट की तुलना में काफी ज्यादा थी. निफ्टी 50 0.19% गिरकर 23,852.90 पर था और सेंसेक्स 125 अंक गिरकर 76,390.27 पर आ गया था.

पांच बड़ी कंपनियों के शेयर टूटे

Nifty 50 में सबसे अधिक गिरावट वाली कंपनियों में पांच बड़ी IT कंपनियां शामिल रहीं. गिरावट में Infosys सबसे आगे रही, जिसके शेयर 2.2 फीसदी गिरकर 1,105.10 रुपये पर आ गए. इसके बाद Tech Mahindra रही, जिसके शेयर 1.57 फीसदी गिरकर 1,571.80 रुपये पर आ गए. HCL Technologies के शेयर 1.37 प्रतिशत गिरकर 1,275.70 रुपये पर, Wipro के शेयर 1.07 फीसदी गिरकर 174.52 रुपये पर और TCS के शेयर 0.83 फीसदी गिरकर 2,284.90 रुपये पर आ गए.

मिडकैप टेक्नोलॉजी शेयरों पर असर

IT शेयरों में गिरावट का असर मिडकैप टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी दिखा. Mphasis 1.87% गिरकर 2,379.90 रुपये पर, Persistent Systems 1.56% गिरकर 5,566.60 रुपये पर और L&T Technology Services 1.4% गिरकर 3,443.40 रुपये पर बंद हुए. ये तीनों BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे.

क्यों आई आईटी शेयरों में बिकवाली?

शुक्रवार को आई मजबूत पेरोल रिपोर्ट के बाद US में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें मजबूत हुईं, जिससे IT शेयरों में बिकवाली देखी गई. रॉयटर्स के अनुसार, बाज़ार अब 16 सितंबर की बैठक में फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58% संभावना और अक्टूबर में ऐसा होने की 70% संभावना मानकर चल रहा है.

US में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर दुनिया भर में टेक्नोलॉजी कंपनियों के वैल्यूएशन पर पड़ सकता है. भारतीय IT कंपनियों के लिए, जिनका सबसे बड़ा बाज़ार US है, सख्त मॉनेटरी पॉलिसी का माहौल अमेरिकी क्लाइंट्स द्वारा टेक्नोलॉजी पर किए जाने वाले खर्च (डिस्क्रीशनरी स्पेंडिंग) को लेकर चिंताएं बढ़ा सकता है.

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

शुक्रवार को जॉब्स डेटा आने के बाद वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ था. Dow Jones Industrial Average 0.51%, S&P 500 0.38% और टेक्नोलॉजी-हैवी Nasdaq Composite 0.29% नीचे बंद हुए थे.

निवेशक अब फेड की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए शुक्रवार को आने वाली US की अगस्त महीने की महंगाई दर (इन्फ्लेशन) रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखेंगे. अनुमानों के मुताबिक कोर इन्फ्लेशन में 0.2% की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि इसमें 0.3% की बढ़ोतरी का जोखिम भी है.

घरेलू बाजार

IT शेयरों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार ने काफी हद तक मजबूती दिखाई. मार्केट ब्रेड्थ थोड़ी पॉजिटिव रही. 1,514 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 1,356 शेयरों में गिरावट आई और 254 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. हालांकि, India VIX 1.69% बढ़कर 10.86 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) की उम्मीदों में मामूली बढ़ोतरी का संकेत है.

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