2443 डार्क स्टोर और 86% की ग्रोथ, क्विक कॉमर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा Blinkit, Eternal को ये 3 फैक्टर दिला रहे बढ़त

क्विक कॉमर्स बाजार में Eternal की Blinkit ने Swiggy की Instamart के मुकाबले तेज ग्रोथ दिखाई है. पहली तिमाही में Blinkit का नेट ऑर्डर प्राइस 19 फीसदी बढ़कर 17132 करोड़ रुपये पहुंचा, जबकि Instamart की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू में सिर्फ 0.2 फीसदी की तिमाही बढ़त रही. Blinkit के पास 2,443 डार्क स्टोर हैं और क्विक कॉमर्स कारोबार ने 102 करोड़ रुपये का कंसोलिडेट EBITDA दर्ज किया.

क्विक कॉमर्स बाजार में Blinkit ने तेज ग्रोथ दिखाई है. Image Credit: blinkit.com

देश में क्विक कॉमर्स कारोबार में मुकाबला लगातार तेज हो रहा है. Eternal की कंपनी ब्लिंकिट इस समय इस बाजार में मजबूत स्थिति में है. हाल की तिमाही में ब्लिंकिट के ऑर्डर प्राइस में स्विगी के इंस्टामार्ट के मुकाबले काफी तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. ब्लिंकिट के पास ज्यादा डार्क स्टोर हैं और प्रति स्टोर कारोबार भी बढ़ रहा है. इसके अलावा कंपनी का क्विक कॉमर्स कारोबार मुनाफे में आ चुका है. ऐसे में आने वाले वर्षों में Eternal को तीन बड़े कारणों से फायदा मिल सकता है.

डार्क स्टोर का बड़ा नेटवर्क

Eternal के क्विक कॉमर्स कारोबार की सबसे बड़ी ताकत उसका डार्क स्टोर नेटवर्क है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के अंत तक ब्लिंकिट के पास 2443 डार्क स्टोर थे. कंपनी ने इस तिमाही में 200 नए डार्क स्टोर जोड़े. इसके मुकाबले स्विगी के इंस्टामार्ट के पास 1171 डार्क स्टोर हैं और तिमाही के दौरान केवल 28 नए स्टोर जुड़े. ज्यादा डार्क स्टोर से ग्राहकों तक सामान तेजी से पहुंचाने में मदद मिलती है. इससे कंपनी को अधिक ऑर्डर हासिल करने का फायदा मिल सकता है.

ऑर्डर वैल्यू में ब्लिंकिट की तेज बढ़त

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ब्लिंकिट का नेट ऑर्डर वैल्यू 17132 करोड़ रुपये रहा. यह पिछली तिमाही के 14386 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 19 फीसदी अधिक है. वहीं स्विगी के इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 7907 करोड़ रुपये रहा, जिसमें तिमाही आधार पर केवल 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. सालाना आधार पर भी ब्लिंकिट के नेट ऑर्डर वैल्यू में 86 फीसदी की ग्रोथ हुई, जबकि इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू करीब 40 फीसदी बढ़ा.

क्विक कॉमर्स कारोबार मुनाफे में

ब्लिंकिट की एक और बड़ी बढ़त इसका बेहतर वित्तीय प्रदर्शन है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Eternal के क्विक कॉमर्स कारोबार ने 102 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA मुनाफा दर्ज किया. इसके मुकाबले स्विगी के इंस्टामार्ट को करीब 780 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA घाटा हुआ. इससे संकेत मिलता है कि ज्यादा ऑर्डर और बेहतर स्टोर नेटवर्क के कारण ब्लिंकिट अपने कारोबार को अधिक स्किल तरीके से चला पा रहा है.

प्रति स्टोर कारोबार में भी सुधार

Eternal के डार्क स्टोर की संख्या बढ़ने के साथ प्रति स्टोर कारोबार भी मजबूत हुआ है. कंपनी का नेट ऑर्डर वैल्यू प्रति स्टोर प्रतिदिन करीब 11 लाख रुपये पहुंच गया, जो पहले करीब 7 लाख रुपये था. कंपनी बड़े स्टोर और तकनीक में निवेश कर रही है. हालांकि प्रति स्टोर निवेश भी बढ़कर करीब 2.5 करोड़ रुपये हो गया है, जो एक साल पहले करीब 1 करोड़ रुपये था. इससे आने वाले समय में स्टोर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.

क्विक कॉमर्स बाजार में अभी लंबी ग्रोथ की गुंजाइश

भारत के कुल खुदरा बाजार में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी अभी काफी छोटी है. ऐसे में इस कारोबार में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश बनी हुई है. बाजार में आने वाले वर्षों में कंपटीशन के साथ- साथ कंपनियों के बीच एकीकरण भी देखने को मिल सकता है. यदि कमजोर कंपनियां बाजार से बाहर होती हैं या बड़े खिलाड़ियों के साथ जुड़ती हैं, तो Eternal जैसे मजबूत खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता है.

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Eternal के कारोबार में भी मजबूत ग्रोथ

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Eternal का समेकित शुद्ध ऑर्डर मूल्य 31120 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 54 फीसदी अधिक है. इसमें क्विक कॉमर्स कारोबार की भूमिका सबसे बड़ी रही, जिसका शुद्ध ऑर्डर मूल्य 86 फीसदी बढ़ा. कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 555 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 223 फीसदी अधिक है. कंपनी के पास तिमाही के अंत में 18288 करोड़ रुपये की नकदी थी.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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