दुनिया भर के बाजार लहूलुहान, पर भारतीय स्टॉक मार्केट की चमक बरकरार; इस तेजी के पीछे क्या है वजह?
Share Market Today: अमेरिका का नैस्डैक 5.5 फीसदी टूट गया, जबकि जापान का निक्केई करीब 7 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 9 फीसदी से ज्यादा गिर गया. ताइवान का प्रमुख शेयर इंडेक्स भी 8 फीसदी से अधिक नीचे आ गया. दूसरी ओर भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी और बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से मजबूती दिख रही है. AI शेयरों में बिकवाली का फायदा भी भारतीय बाजार को मिल सकता है.

Share Market Today: दुनिया के शेयर बाजारों में शुक्रवार, 6 नवंबर को भारी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका से शुरू हुई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों की बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. अमेरिका का नैस्डैक 5.5 फीसदी टूट गया, जबकि जापान का निक्केई करीब 7 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 9 फीसदी से ज्यादा गिर गया. ताइवान का प्रमुख शेयर इंडेक्स भी 8 फीसदी से अधिक नीचे आ गया.
भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती
इस वैश्विक बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई. इसकी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की वापसी, कंपनियों के बेहतर नतीजे और भारतीय बाजार में AI से जुड़ी कंपनियों का अपेक्षाकृत कम प्रभाव माना जा रहा है. बाजार के जानकारों के मुताबिक, ग्लोबल निवेशक AI से जुड़े महंगे शेयरों से पैसा निकालकर दूसरे उभरते बाजारों की ओर रुख कर सकते हैं. इसका फायदा भारत को मिल सकता है.
AI शेयरों में बिकवाली से ग्लोबल मार्केट में गिरावट
अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी और AI कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली ने दुनियाभर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. नैस्डैक में 5.5% की गिरावट दर्ज की गई. यह पिछले 19 महीनों में इसका सबसे खराब कारोबारी दिन रहा. इस बिकवाली के दौरान S&P 500 में शामिल कंपनियों के मार्केट वैल्यू से करीब 3 लाख करोड़ डॉलर साफ हो गए.
निवेशकों को आशंका है कि AI डेटा सेंटर में बड़े निवेश को लेकर राजनीतिक विरोध और इन निवेशों से मिलने वाले रिटर्न पर सवाल उठने से AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ धीमी पड़ सकती है. इसी चिंता का असर चिप बनाने वाली और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है.
भारत में AI कंपनियों का कम एक्सपोजर बना फायदा
भारतीय शेयर बाजार को ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों की तुलना में AI कारोबार से कम सीधा जोखिम है. ऐसे में जब निवेशक AI से जुड़े शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, तो वे दूसरे बाजारों में निवेश के अवसर तलाश सकते हैं.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, AI ट्रेड में तेज गिरावट भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. उनके अनुसार, AI से जुड़े निवेश से पैसा निकलने पर भारत और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है.
विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी
भारतीय बाजार को मजबूती देने वाली एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी भी है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 15,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. यह एक साल से ज्यादा समय में उनकी सबसे बड़ी एक दिन की खरीदारी रही.
वीके विजयकुमार के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों में FII ने करीब 35,781 करोड़ रुपये की खरीदारी की है.इससे पहले विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे थे. अब उनकी वापसी से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है.
बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी
भारतीय बाजार में हालिया तेजी का फायदा सभी कंपनियों को एक समान नहीं मिला है. बड़े मार्केट कैप वाली कंपनियों के शेयरों में ज्यादा खरीदारी देखने को मिली है.
वीके विजयकुमार के मुताबिक, बड़े शेयरों का वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले आकर्षक हुआ है. उन्होंने फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर में आगे भी संभावनाएं जताई हैं. भारतीय बाजार को कंपनियों के मजबूत नतीजों से भी सहारा मिल रहा है.