1 साल में दोगुना हुआ ये एनर्जी स्टॉक, लगातार भाग रहे शेयर, कंपनी पर कर्ज लगभग जीरो; रखें नजर
शेयर ने पिछले 12 महीनों में 101.6 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक करीब 85.9 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. शेयर में आई हालिया गिरावट को कारोबार में कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. बाजार का मानना है कि यह तेजी के बाद सामान्य करेक्शन है, जबकि कंपनी के फंडामेंटल पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं.

पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Hitachi Energy India ने पिछले एक साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. 1 जून 2026 को कंपनी का शेयर 38,800 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंच गया था. हालांकि इसके बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और यह करीब 34,350 रुपये के स्तर पर आ गया. इसके बावजूद शेयर ने पिछले 12 महीनों में 101.6 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक करीब 85.9 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. शेयर में आई हालिया गिरावट को कारोबार में कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. बाजार का मानना है कि यह तेजी के बाद सामान्य करेक्शन है, जबकि कंपनी के फंडामेंटल पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं.
क्या करती है Hitachi Energy India?
Hitachi Energy India पावर ट्रांसफॉर्मर्स, हाई-वोल्टेज स्विचगियर, HVDC सिस्टम्स, पावर क्वालिटी प्रोडक्ट्स और ग्रिड ऑटोमेशन सॉल्यूशंस का निर्माण करती है. कंपनी के प्रमुख ग्राहक ट्रांसमिशन यूटिलिटीज, रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स, डेटा सेंटर ऑपरेटर्स, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां हैं.
भारत में बनने वाले हर बड़े सोलर पार्क, विंड फार्म और डेटा सेंटर किसी न किसी रूप में Hitachi Energy के उपकरणों का उपयोग करते हैं. यही वजह है कि कंपनी भारत के एनर्जी ट्रांजिशन की कहानी का अहम हिस्सा बन चुकी है.
FY26 ने बदल दी निवेशकों की सोच
पहले Hitachi Energy India को एक पारंपरिक प्रोजेक्ट-आधारित पावर इक्विपमेंट कंपनी माना जाता था, जहां मुनाफा अक्सर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, कमोडिटी कीमतों और ऑर्डर मिक्स पर निर्भर रहता था.
FY26 कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हुआ.
रेवेन्यू में 27.6 प्रतिशत की वृद्धि
EBITDA में 111.5 प्रतिशत की छलांग
PAT में 157.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी
सबसे बड़ी बात यह रही कि EBITDA मार्जिन एक साल में 9.3 प्रतिशत से बढ़कर 15.4 प्रतिशत पहुंच गया. यही आंकड़ा निवेशकों के नजरिए में बड़ा बदलाव लेकर आया.
ऑपरेटिंग लेवरेज का दिखा असर
कंपनी ने FY26 में वह स्तर हासिल कर लिया जहां अतिरिक्त बिक्री का बड़ा हिस्सा सीधे मुनाफे में बदलने लगा. रेवेन्यू करीब 28 प्रतिशत बढ़ा लेकिन मुनाफा 157 प्रतिशत उछल गया. यह दिखाता है कि कंपनी का ऑपरेटिंग लेवरेज अब तेजी से काम कर रहा है.
HVDC प्रोजेक्ट्स से बढ़ सकता है मार्जिन
कंपनी के कारोबार में HVDC (High Voltage Direct Current) प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. FY26 में HVDC से करीब 1,100-1,200 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया, जो कुल बिक्री का लगभग 15 प्रतिशत था. ये प्रोजेक्ट्स तकनीकी रूप से जटिल और ज्यादा मार्जिन वाले माने जाते हैं. आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे ये ऑर्डर पूरे होंगे, कंपनी के मार्जिन में और सुधार देखने को मिल सकता है.
रिन्यूएबल एनर्जी विस्तार
भारत को 2035 तक 900 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ने के लिए लगभग 7.93 लाख करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन निवेश की जरूरत होगी.
4,000 करोड़ रुपये का बड़ा कैपेक्स प्लान
कंपनी ने अक्टूबर 2024 में 2,000 करोड़ रुपये के विस्तार की घोषणा की थी. इसके बाद FY26 की चौथी तिमाही में अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई. इस तरह कुल Capex योजना 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
बैलेंस शीट भी मजबूत
इस विस्तार की खास बात यह है कि कंपनी इसे कर्ज के सहारे नहीं बल्कि अपने परिचालन नकदी प्रवाह से पूरा कर रही है.
- Debt-to-Equity Ratio: 0.02
- Interest Coverage Ratio: 109 गुना
- CFO to EBITDA Conversion: 83.4 प्रतिशत
यानी कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है.
इसे भी पढ़ें- फंड जुटाएगी ये फार्मा कंपनी, 52-वीक हाई पहुंचा स्टॉक, एक महीने से नॉन-स्टॉप भाग रहे शेयर; भाव ₹50 से कम
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.