NSE IPO की चर्चा से चढ़ा था IFCI का शेयर, अब 2 दिन में 14% टूटा; ये है वजह

IFCI Share Price में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली है. दो दिनों में शेयर करीब 14% टूट चुका है. NSE IPO की चर्चा के बीच हालिया तेजी के बाद IFCI में भारी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली. 4 सितंबर को शेयर 107.50 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंचा था, जिसके बाद इसमें तेज करेक्शन आया.

IFCI Image Credit: @Tv9

IFCI Share Price: IFCI के शेयरों में बुधवार, 9 सितंबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट देखने को मिली. मंगलवार को करीब 10% टूटने के बाद बुधवार को भी शेयर 4.5% से ज्यादा गिरकर इंट्राडे में 88.40 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया. लगातार दो कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 14% टूट चुका है. हालिया तेजी के बाद निवेशकों की ओर से हुई भारी प्रॉफिट बुकिंग को इस गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है.

NSE IPO की चर्चा से आई थी IFCI Share में तेजी

IFCI के शेयर में हाल के महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी. इस तेजी के पीछे NSE के प्रस्तावित IPO से जुड़ी चर्चा भी एक अहम वजह रही. IFCI की NSE में सीधे तौर पर हिस्सेदारी नहीं है, लेकिन Stock Holding Corporation of India यानी SHCIL के जरिए कंपनी का NSE में अप्रत्यक्ष एक्सपोजर है.

IFCI के पास SHCIL में 50% से ज्यादा की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है. वहीं, SHCIL के पास NSE में 4% से ज्यादा हिस्सेदारी है. ऐसे में NSE IPO से जुड़ी संभावित वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीदों ने IFCI के शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई थी.

6 महीने में 68% चढ़ चुका था शेयर

हालिया गिरावट के बावजूद IFCI का शेयर पिछले कुछ महीनों में मजबूत प्रदर्शन कर चुका है. शेयर ने पिछले 6 महीनों में करीब 68% की तेजी दर्ज की है. 4 सितंबर को यह 107.50 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंच गया था. वहीं, पिछले साल 9 दिसंबर को शेयर ने 46.20 रुपये का 52-वीक लो बनाया था.

मासिक आधार पर भी शेयर अप्रैल से अगस्त 2026 तक लगातार बढ़त में रहा और इन 5 महीनों में कुल करीब 87% चढ़ा. यानी, मौजूदा गिरावट को हालिया तेज रैली के बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग के तौर पर भी देखा जा रहा है.

आगे भी देखने को मिल सकता है उतार-चढ़ाव

कुल मिलाकर, IFCI के शेयर में मौजूदा गिरावट हालिया तेज रैली के बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार में बढ़ी सावधानी का नतीजा दिखाई देती है. हालांकि, NSE IPO से जुड़ी संभावनाओं के कारण स्टॉक में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. निवेशकों को तेजी में पीछा करने के बजाय सपोर्ट लेवल, कंपनी के फंडामेंटल्स और बाजार के व्यापक रुझान को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.